पटना के रुपसपुर स्थित आईएएस कॉलोनी में बुधवार को बिहार का पहला कामकाजी महिला छात्रावास खुला। छात्रावास में निःशुल्क आवास उपलब्ध होगा तथा केवल भोजन के िलए प्रति माह 3000 शुल्क देय होगा। समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने 50 बेडों वाले इस महिला छात्रावास का उद्घाटन किया। सचिव ने कहा कि पटना और मुजफ्फरपुर के बाद गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे छात्रावास खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि छात्रावास अपना घर की तर्ज पर विकसित किया गया है। इसका लाभ लेने के लिए आवेदिका की अधिकतम मासिक आय 75 हजार रुपए निर्धारित की गई है। यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षित आवास की उपलब्धता से महिलाएं बिना किसी भय के कार्यों का निर्वहन कर सकेंगी तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेंगी। यह छात्रावास विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो जिले में अकेले रहकर सरकारी अथवा अन्य सेवाओं में कार्यरत हैं। छात्रावास में बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल (आर.ओ.), मनोरंजन के लिए टेलीविजन और निःशुल्क वाई-फाई आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। चार मंजिला भवन के प्रत्येक तल पर दो किचन की व्यवस्था की गई है, जिनका उपयोग महिलाएं आवश्यकता के अनुसार कर सकती हैं। अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया एवं अन्य आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति भी की गई है। उद्घाटन के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, दानापुर अनिरुद्ध पांडेय; सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग विकास कुमार; तथा सहायक निदेशक, नि:शक्तता शशांक सिंह उपस्थित रहे। ऑनलाइन आवेदन के बाद होगा चयन इच्छुक महिलाएं निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवास की सुविधा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। तत्पश्चात काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम चयन किया जाएगा। आवेदन के समय कार्यरत होने से संबंधित प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची (पे-स्लिप), स्थानीय अभिभावक का पूर्ण विवरण तथा दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पटना के रुपसपुर स्थित आईएएस कॉलोनी में बुधवार को बिहार का पहला कामकाजी महिला छात्रावास खुला। छात्रावास में निःशुल्क आवास उपलब्ध होगा तथा केवल भोजन के िलए प्रति माह 3000 शुल्क देय होगा। समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने 50 बेडों वाले इस महिला छात्रावास का उद्घाटन किया। सचिव ने कहा कि पटना और मुजफ्फरपुर के बाद गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे छात्रावास खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि छात्रावास अपना घर की तर्ज पर विकसित किया गया है। इसका लाभ लेने के लिए आवेदिका की अधिकतम मासिक आय 75 हजार रुपए निर्धारित की गई है। यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षित आवास की उपलब्धता से महिलाएं बिना किसी भय के कार्यों का निर्वहन कर सकेंगी तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेंगी। यह छात्रावास विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो जिले में अकेले रहकर सरकारी अथवा अन्य सेवाओं में कार्यरत हैं। छात्रावास में बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल (आर.ओ.), मनोरंजन के लिए टेलीविजन और निःशुल्क वाई-फाई आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। चार मंजिला भवन के प्रत्येक तल पर दो किचन की व्यवस्था की गई है, जिनका उपयोग महिलाएं आवश्यकता के अनुसार कर सकती हैं। अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया एवं अन्य आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति भी की गई है। उद्घाटन के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, दानापुर अनिरुद्ध पांडेय; सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग विकास कुमार; तथा सहायक निदेशक, नि:शक्तता शशांक सिंह उपस्थित रहे। ऑनलाइन आवेदन के बाद होगा चयन इच्छुक महिलाएं निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवास की सुविधा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। तत्पश्चात काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम चयन किया जाएगा। आवेदन के समय कार्यरत होने से संबंधित प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची (पे-स्लिप), स्थानीय अभिभावक का पूर्ण विवरण तथा दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।


