MP Budget 2026: बजट सत्र में आगर जिले की सुसनेर मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रशासनिक व्यवस्था अधिकारियों-कर्मचारियों और के स्थानांतरण को लेकर व्यापक चर्चा हुई। विधायक भैरो सिंह बापू ने सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े प्रश्न क्रमांक 467 के माध्यम से जिले की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए। विधायक ने पूछा कि आगर जिले में शासकीय एवं संविदा पर कार्यरत कितने अधिकारी, कर्मचारी, बाबू और पटवारी पिछले चार वर्षों या उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में पदस्थ है।
परिशिष्ट में दी जानकारी, गड़बड़ी से किया इनकार
उन्होंने इस संबंध में विस्तृत गोशवारा जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही यह भी जानना चाहा कि क्या जिले में ऐसे अधिकारी-कर्मचारी हैं जो वर्षों से एक ही कार्यालय में केवल नाम मात्र के लिए अलग-अलग कार्य देख रहे है और यदि ऐसा है तो उनका स्थानांतरण क्यों नहीं किया जा रहा।
इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर देते हुए बताया कि संबंधित जानकारी परिशिष्ट बाईस में संलग्न है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में ऐसे किसी अधिकारी या कर्मचारी का मामला सामने नहीं आया है जो वर्षों से एक ही कार्यालय में औपचारिक रूप से अलग-अलग कार्य देख रहे हों। साथ ही यह भी कहा गया कि जिले में ऐसे कार्यालयों की जानकारी उपलब्ध नहीं है जहां कोई भी अधिकारी या कर्मचारी पदस्थ न हो।
चर्चाओं का दौर तेज
विधानसभा में उठे इस प्रश्न के बाद आगर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानांतरण नीति को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष ने जहां पारदर्शिता और आवश्यकता पर जोर दिया, वहीं शासन ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। इस मुद्दे ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यशैली पर और अधिक निगरानी तथा समीक्षा की संभावना बनी रहेगी।
क्या अधिकारी-कर्मचारी निवास की बजाय अप-डाउन करते हैं
विधायक भैरो सिंह बापू ने यह मुद्दा भी उठाया कि क्या जिले के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी आगर में निवास नहीं करते और प्रतिदिन बाहर से आवागमन करते हैं। इस पर भी शासन की ओर से नहीं में उत्तर दिया गया और कहा गया कि इस प्रकार की स्थिति दर्ज नहीं है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जिले में निवास नहीं करने वाले अधिकारियों को शासन की ओर से कोई विशेष अधिकार प्रदान नहीं किए गए हैं।
प्रश्न के अंतिम भाग में विधायक ने कार्यस्थल पर मादक पदार्थों के सेवन का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि ऐसे कितने अधिकारी या कर्मचारी हैं जो काम के समय नशा करते पाए गए हैं और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगर मालवा जिले में पदस्थ दो कर्मचारी कार्यस्थल पर मादक पदार्थ का सेवन करते हुए पाए गए थे। उनके विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा आचरण (नियंत्रण, वर्गीकरण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। (MP news)


