नगर निगम चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही वार्डों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। प्रत्याशी घर-घर जाकर सड़क, नाली और जलनिकासी की स्थिति सुधारने के बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। वार्ड 41 और 42 में सीवरेज और ड्रेनेज की स्थिति सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। वार्ड 41 के निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सीवरेज लाइन की मरम्मत नहीं होने से गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बना रहता है। हालांकि सड़कों की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है। निवर्तमान पार्षद उर्मिला यादव के अनुसार, सड़कों का निर्माण कराया गया और कच्ची सड़कों को पक्का किया गया। सप्लाई पानी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, लेकिन सीवरेज लाइन को दुरुस्त करने के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल सका। वार्ड 42 में सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को लेकर लोगों में असंतोष है। निवासियों का कहना है कि निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं आती, जिससे गंदगी फैलती है। सप्लाई पानी भी पर्याप्त दबाव में नहीं मिलता, जिसका कारण पुरानी पाइपलाइन बताई जा रही है। इसके अलावा कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे अंधेरा रहता है और चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहती है। वार्ड 42 के निवर्तमान पार्षद कृष्णा महतो का कहना है कि क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और उन्हें नए सिरे से बनाने की जरूरत है। नाली और ड्रेनेज सिस्टम की कमी भी बड़ी समस्या है। उनका कहना है कि पूर्व में हुए विकास कार्यों की भी मरम्मत और पुनर्स्थापना आवश्यक है, लेकिन फंड की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वार्ड 41 पुरुष 9207 महिला 9253 वोटर : 18461 वार्ड 42 पुरुष 8117 महिला 7676 वोटर : 15793 10 साल में जो काम हुए : प्रमुख सड़कों का निर्माण कराया गया है। 27 मिनी बोरवेल क्षेत्र के लोगों को मिला। एक अटल क्लिनिक है। धार्मिक स्थलों में पेवर ब्लॉक लगवाया गया है। लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया है। ये काम बचे रह गए : नल-जल योजना सभी घरों में नहीं पहुंचाई गई है। नाली निर्माण कराना है। सड़कें जर्जर हो गई हैं। प्रमुख चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने हैं। क्षेत्र : हिनू, बिरसा चौक, सेक्टर-2, लंका कॉलोनी और आसपास के इलाके के सभी क्षेत्र। 10 साल में जो काम हुए : सड़क-नाली का निर्माण कराया गया। नई सड़कें बनी, कच्ची सड़कों को दुरुस्त कराया गया है। इलाके में 20-25 बोरिंग कराई गई है, इसमें से 3 डीप बोरिंग है। लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया है। ये काम बचे रह गए : सीवरेज लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई है। इलाके में अटल क्लिनिक नहीं है। लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा नहीं जा सका है। क्षेत्र : एचईसी सेक्टर-2, चेक पोस्ट, क्रांति चौक, पैंथर क्लब, विधायक आवास, सेल सिटी नगर निगम चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही वार्डों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। प्रत्याशी घर-घर जाकर सड़क, नाली और जलनिकासी की स्थिति सुधारने के बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। वार्ड 41 और 42 में सीवरेज और ड्रेनेज की स्थिति सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। वार्ड 41 के निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सीवरेज लाइन की मरम्मत नहीं होने से गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बना रहता है। हालांकि सड़कों की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है। निवर्तमान पार्षद उर्मिला यादव के अनुसार, सड़कों का निर्माण कराया गया और कच्ची सड़कों को पक्का किया गया। सप्लाई पानी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, लेकिन सीवरेज लाइन को दुरुस्त करने के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल सका। वार्ड 42 में सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को लेकर लोगों में असंतोष है। निवासियों का कहना है कि निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं आती, जिससे गंदगी फैलती है। सप्लाई पानी भी पर्याप्त दबाव में नहीं मिलता, जिसका कारण पुरानी पाइपलाइन बताई जा रही है। इसके अलावा कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे अंधेरा रहता है और चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहती है। वार्ड 42 के निवर्तमान पार्षद कृष्णा महतो का कहना है कि क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और उन्हें नए सिरे से बनाने की जरूरत है। नाली और ड्रेनेज सिस्टम की कमी भी बड़ी समस्या है। उनका कहना है कि पूर्व में हुए विकास कार्यों की भी मरम्मत और पुनर्स्थापना आवश्यक है, लेकिन फंड की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वार्ड 41 पुरुष 9207 महिला 9253 वोटर : 18461 वार्ड 42 पुरुष 8117 महिला 7676 वोटर : 15793 10 साल में जो काम हुए : प्रमुख सड़कों का निर्माण कराया गया है। 27 मिनी बोरवेल क्षेत्र के लोगों को मिला। एक अटल क्लिनिक है। धार्मिक स्थलों में पेवर ब्लॉक लगवाया गया है। लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया है। ये काम बचे रह गए : नल-जल योजना सभी घरों में नहीं पहुंचाई गई है। नाली निर्माण कराना है। सड़कें जर्जर हो गई हैं। प्रमुख चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने हैं। क्षेत्र : हिनू, बिरसा चौक, सेक्टर-2, लंका कॉलोनी और आसपास के इलाके के सभी क्षेत्र। 10 साल में जो काम हुए : सड़क-नाली का निर्माण कराया गया। नई सड़कें बनी, कच्ची सड़कों को दुरुस्त कराया गया है। इलाके में 20-25 बोरिंग कराई गई है, इसमें से 3 डीप बोरिंग है। लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया है। ये काम बचे रह गए : सीवरेज लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई है। इलाके में अटल क्लिनिक नहीं है। लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा नहीं जा सका है। क्षेत्र : एचईसी सेक्टर-2, चेक पोस्ट, क्रांति चौक, पैंथर क्लब, विधायक आवास, सेल सिटी


