आगर मालवा में पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं। बुधवार देर रात करीब 10:30 बजे जिला मुख्यालय पर मावठे की बारिश शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे तक रुक-रुक कर जारी रही। इससे पहले मंगलवार रात को भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। इस लगातार बदलते मौसम के कारण शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ठंडक बढ़ गई है। अचानक हुई इस बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर स्पष्ट दिखाई दिया। सड़कों पर फिसलन और विजिबिलिटी कम रही सड़कों पर फिसलन बढ़ने और विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई। तेज हवा, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के बीच लोग अपने घरों में ही रहे। हालांकि, अभी तक कोहरे का कोई विशेष प्रभाव नहीं देखा गया है, जिससे सुबह की आवाजाही सामान्य रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान में इस गिरावट के कारण एक बार फिर ठंडक महसूस की जा रही है। बारिश से किसानों की फसलों को नुकसान का डर इस बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें लगभग पककर तैयार हैं। ऐसे में यदि मावठे की यह बारिश लगातार जारी रहती है, तो फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवा के कारण खड़ी फसल के गिरने का खतरा भी बना हुआ है। किसान अब मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत खराब न हो।


