गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र में अरुण नाम के युवक की हत्या के तीन दिन बाद पुलिस ने सात आरोपियों को पकड़ा, हैरानी की बात है कि इनमें तीन नाबालिग है। चार आरोपियों में चिलुआताल के हमीदपुर का विशाल सिंह, करीमनगर का सोनू यादव उर्फ बल्ले यादव देवेंद्र कुमार और पीपीगंज के छोटू उर्फ मानवेंद्र सिंह हैं।
अवैध पिस्टल की चेकिंग के दौरान चली गोली
बता दें कि हत्यारोपियों ने चिलुआताल में अरुण निषाद की रविवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें विशाल और सोनू ने अपने बाल साफ कराकर गंजे हो गये थे।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि अवैध पिस्टल की चेकिंग के दौरान अचानक गोली चल गई और अरुण निषाद के सीने में गोली लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस से बचने के लिए हत्यारोपियों ने बदला हुलिया
आरोपियों ने कहा कि पुलिस से बचने के लिए उन्होंने हुलिया बदल लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, 8 कारतूस, 3 बाइक और एक अर्टिगा कार बरामद की है। घटना के बाद आरोपी पहले बाइक से भागे फिर कार में सवार हो गए थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। बता दें कि इसके पहले भी पीपीगंज क्षेत्र में अपने लिव इन पार्टनर की हत्या कर फरार हुआ हत्यारोपी भी बाल का मुंडन कराकर बदल किया था हुलिया।
ज्ञानेंद्र, SP नॉर्थ
SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 15 फरवरी रविवार की शाम अरुण निषाद अपने छह दोस्तों के साथ बगल में स्थित मैदान में पहुंचा। वहां पर विशाल एक पिस्टल लेकर आया था।
सभी घेरा बनाकर पिस्टल चेक कर रहे थे। इसी दौरान विशाल से पिस्टल चल गई और सीधे अरुण निषाद के सीने में गोली लगी, वह जमीन पर ही गिर गया।
अचानक हुई इस घटना के बाद दोस्तों में भगदड़ मच गई और सभी डरकर भाग निकले, इनमें विशाल सहित सभी छह आरोपी थे। अरुण को गोली लगने की सूचना मिलते ही बदहवास परिजन उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
SO चिलुआताल सूरज सिंह की टीम का गिरफ्तारी में अहम रोल
युवक के हत्या की खबर मिलते ही पुलिस के सारे आलाधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और जांच पड़ताल शुरू हुआ। पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी खंगाले, जिसके बाद सारी घटना का पटाक्षेप हो गया। इसके बाद आरोपियों की पहचान कर पुलिस उनकी तलाश में लगी थी।
बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शहर से बाहर भाग रहे हैं। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पकड़ने में चिलुआताल थानेदार सूरज सिंह की टीम, एसओजी, सर्विलांस का अहम रोल था।


