रतलाम. मावठे की बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, बुधवार रात 10.20 बजे से फिर गरज चमक के साथ बारिश की शुरुआत हो गई। रात में गरज चमक के साथ 3 मिमी वर्षा रतलाम में हुई, ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के साथ हवा चलने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। महू-नीमच रोड कृषि उपज मंडी खुले परिसर में रखी लहसुन-प्याज के ढेरों भीग गए, कुछ किसानों ने पल्ली से ढककर बचाई, लेकिन अधिकांश की भीग गई।
मौसम विभाग के अनुसार 20 फरवरी तक मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश की संभावना व्यक्त की गई हैं। गत रात शहर में 3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि दिन के तापमान 1 डिग्री कम होकर 31.2 डिग्री पर आ गया। रात पारा 0.5 डिग्री की वृद्धि के साथ 16.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बुधवार को 6824 कट्टे नीलाम हुए जो 1281 से 10300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव रहे, औसत 4790 रुपए प्रति क्विंटल रहा।
देर रात पल्ली ढकना पड़ी
बदनावर के ग्राम उमरिया से आए किसान शोएब पटेल ने बताया कि रात में बेमौसम बारिश से कई किसानों की लहसुन भीग गई। मैंने गाड़ी खाली करते समय नीचे पल्ली बिछा रखी, वहीं उसे पलटी कर ढकना पड़ी। मंडी प्रशासन को चाहिए के मौसम को देखते हुए प्लेटफार्म पर खाली कराना चाहिए।
लहसुन में उतर गया पानी
पलसोड़ा से आए किसान गेंदालाल राठौड ने बताया कि रात को बारिश में लहसुन में पानी उतर गया, सुबह से दूसरा पल्ला लाकर पलटी कर सुखा रहे हैं, नहीं तो भाव आधा रह जाएगा। पानी लग जाता है तो माल खराब हो जाता हैं, इस कारण व्यापारी भी भाव कम लगाता हैं। किसान को नुकसान होता हैं।
किसानों को दोहरी मार, आड़ी पड़ी फसल
अंचल में गत रात तेज हवा और बारिश ने भारी तबाही मचाई। रात करीब 10.30 बजे से शुरू हुई बारिश और हवा से बोदिना, भैंसाडाबर, खोखरा सहित कई गांवों में फसलों को नुकसान हुआ। फसल पककर तैयार खड़ी है, गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई हैं। किसान दिलीप पाटीदार ने बताया कि यह दोहरी मार है, क्योंकि इस साल पहले ही सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। अब रही सही उम्मीद गेहूं की फसल पर टिकी थी, वह भी पूरी तरह नहीं पकेगी।


