एकता नगर में आरबीआइ अहमदाबाद के वित्तीय समावेशन और विकास विभाग की अभिसरण कार्यशाला
अहमदाबाद. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के वित्तीय समावेशन और विकास विभाग के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एकता नगर में उच्च-स्तरीय अभिसरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन आरबीआइ के क्षेत्रीय निदेशक अमरेश रंजन ने किया। समावेशी विकास में गुजरात की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में वृद्धि और उस पर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी हितधारकों से नागरिकों की सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए मजबूत रणनीति विकसित करने का आग्रह किया।
ग्रामीण ऋण के आधार-स्तंभ का सशक्तिकरण
उन्होंने राष्ट्र के वित्तीय समावेशन के एजेंडे को आगे बढ़ाने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के उत्थान के लिए कृषि ऋण के विशेष महत्व पर जोर देते हुए इसे सतत आर्थिक विकास के लिए अहम बताया।
रणनीतिक सहयोग और कौशल वृद्धि
कार्यशाला के सत्र विभिन्न बैंकिंग और विकास एजेंसियों के प्रयासों को समन्वित करने पर केंद्रित थे। कार्यशाला की मुख्य विषय-वस्तु में अग्रणी बैंक योजना (एलबीएस) के तहत आबीआइ और राज्य स्तरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) के नवीनतम विनियमन परिप्रेक्ष्य पर अपडेट करना था। साथ ही संभावित लिंक्ड प्लान्स (पीएलपी) के तहत प्राथमिकता क्षेत्रों में धन प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए जिला-स्तरीय ऋण योजनाओं की रणनीतिक तैयारी और नेतृत्व विकास के तहत नीति और क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करने के लिए क्षेत्र-स्तरीय अधिकारियों के समन्वय कौशल को मजबूत करना था।
कार्यशाला में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक बी.के. सिंघल, एसएलबीसी गुजरात के संयोजक सह बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक अश्विनी कुमार, यूटीएलबीसी दीव, दमण और दादरा नगर हवेली के संयोजक सह बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक कृष्ण कुमार सिंह, आरबीआइ के केंद्रीय कार्यालय के वित्तीय समावेशन और विकास विभाग (एफआइडीडी) तथा कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल बैंकिंग (सीएबी) पुणे के वरिष्ठ संकाय सदस्य मौजूद थे। साथ ही गुजरात और दीव, दमण तथा दादरा नगर हवेली के 35 अग्रणी जिला प्रबंधक, 18 जिला विकास प्रबंधक और अग्रणी जिला अधिकारी ने भाग लिया।


