यदि आप बंद या पत्ता गोभी का अत्यधिक सेवन कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइए। खासकर वे लोग जिन्हें पहले से थायराइड की हल्की समस्या है, उन्हें इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। यह सलाह किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. कुशाग्र गौरव ने दी। बुधवार को जनरल सर्जरी विभाग के स्थापना दिवस समारोह से पूर्व आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. कुशाग्र गौरव ने बताया कि तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की मिट्टी में आयोडीन की कमी पाई जाती है। ऐसी भूमि में उगाई जाने वाली सब्जियों में भी आयोडीन की मात्रा कम होती है। रहना होगा अलर्ट डॉ. कुशाग्र गौरव ने बताया कि बंद और पत्ता गोभी में सैलिसिलेट एसिड पाया जाता है, जो थायराइड ग्रंथि से हार्मोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी हो सकती है और समस्या गंभीर होने पर मरीज को घेघा (गॉयटर) होने का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमित मात्रा में पत्ता गोभी का सेवन नुकसानदायक नहीं है, लेकिन थायराइड से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आयोडीन युक्त नमक का करें उपयोग
सेमिनार में डॉ. कुलरंजन ने आयोडीन युक्त नमक के सेवन पर जोर देते हुए कहा कि साबुत नमक के उपयोग से बचना चाहिए। यदि उसका उपयोग कर रहे हैं तो उसे धोकर खाने से बचें, क्योंकि इससे आयोडीन की मात्रा कम हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण के कारण भी थायराइड की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। कार्यक्रम में डॉ. गीतिका नंदा ने स्तन कैंसर के लक्षण, जांच और समय पर उपचार के महत्व पर जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. केके सिंह, डॉ. अक्षय आनंद, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. सुरेंद्र सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।


