मधुबनी, 18 फरवरी। राज्य स्तरीय सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के बाद अब मधुबनी सदर अस्पताल ने एनक्यूएएस (National Quality Assurance Standards) और लक्ष्य (LaQshya) के नेशनल सर्टिफिकेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी क्रम में आज एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में क्वालिटी सर्किल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन और क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने संयुक्त रूप से की। इसका मुख्य उद्देश्य एनक्यूएएस और लक्ष्य सर्टिफिकेशन से संबंधित सभी मानकों की बिंदुवार समीक्षा करना था। विशेषज्ञों ने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करते हुए गैप असेसमेंट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अस्पताल के एडमिशन रेट, डिस्चार्ज रेट, लामा (मरीजों के बीच में उपचार छोड़ने की दर), डेथ रेट और रेफरल आउट की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। समीक्षा में यह भी देखा गया कि एसएनसीयू में सी-पैप मशीनों और वेंटिलेटर पर रखे जाने वाले गंभीर नवजात शिशुओं की संख्या कितनी रही है। इन उपकरणों की कार्यशीलता और उपलब्धता पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि गंभीर शिशुओं के उपचार में किसी भी प्रकार की दवा या उपकरण की कमी न हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि एनक्यूएएस और लक्ष्य के सभी मापदंडों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षण, दस्तावेजीकरण, सेवा-गुणवत्ता, मरीज संतुष्टि, संक्रमण नियंत्रण और रिकॉर्ड रखरखाव जैसे बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि सदर अस्पताल की टीम अब राष्ट्रीय स्तर पर सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, नजमुल होदा ने टीमवर्क और नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, पिरामल के डिविजनल लीड महेंद्र सिंह सोलंकी सहित अस्पताल के सभी प्रमुख चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी अधिकारी उपस्थित थे। मधुबनी, 18 फरवरी। राज्य स्तरीय सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के बाद अब मधुबनी सदर अस्पताल ने एनक्यूएएस (National Quality Assurance Standards) और लक्ष्य (LaQshya) के नेशनल सर्टिफिकेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी क्रम में आज एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में क्वालिटी सर्किल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन और क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने संयुक्त रूप से की। इसका मुख्य उद्देश्य एनक्यूएएस और लक्ष्य सर्टिफिकेशन से संबंधित सभी मानकों की बिंदुवार समीक्षा करना था। विशेषज्ञों ने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करते हुए गैप असेसमेंट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अस्पताल के एडमिशन रेट, डिस्चार्ज रेट, लामा (मरीजों के बीच में उपचार छोड़ने की दर), डेथ रेट और रेफरल आउट की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। समीक्षा में यह भी देखा गया कि एसएनसीयू में सी-पैप मशीनों और वेंटिलेटर पर रखे जाने वाले गंभीर नवजात शिशुओं की संख्या कितनी रही है। इन उपकरणों की कार्यशीलता और उपलब्धता पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि गंभीर शिशुओं के उपचार में किसी भी प्रकार की दवा या उपकरण की कमी न हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि एनक्यूएएस और लक्ष्य के सभी मापदंडों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षण, दस्तावेजीकरण, सेवा-गुणवत्ता, मरीज संतुष्टि, संक्रमण नियंत्रण और रिकॉर्ड रखरखाव जैसे बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि सदर अस्पताल की टीम अब राष्ट्रीय स्तर पर सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, नजमुल होदा ने टीमवर्क और नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, पिरामल के डिविजनल लीड महेंद्र सिंह सोलंकी सहित अस्पताल के सभी प्रमुख चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी अधिकारी उपस्थित थे।


