जयपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाला मामले में सेवानिवृत्त आइएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ एसीबी ने लुकआउट नोटिस जारी कराया है। एसीबी के डीआइजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि अग्रवाल के विदेश भागने की आशंका के चलते आवश्यक कागजी कार्रवाई कर बुधवार शाम नोटिस जारी करवाया गया। अग्रवाल के साथ फरार अधीक्षण अभियंता जितेंद्र शर्मा, तत्कालीन एससी मुकेश गोयल और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता की तलाश में एसीबी की टीमें जुटी हैं।
सभी 10 आरोपी तीन दिन के रिमांड पर
एसीबी के एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में गठित एसआइटी सभी आरोपियों से टेंडर प्रक्रिया के संबंध में पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों दिनेश गोयल (सीई प्रशासन, जयपुर), केडी गुप्ता (सीई, ग्रामीण), सुभांशु दीक्षित (एसीई, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय), सुशील शर्मा (वित्तीय सलाहकार, अक्षय ऊर्जा), निरिल कुमार (सीई, चूरू), विशाल सक्सेना (निलंबित एक्सईएन), अरुण श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त एसीई), दिलीप कुमार गौड़ (सेवानिवृत्त सीई), महेंद्र प्रकाश सोनी (सेवानिवृत्त एसई) और दलाल मुकेश पाठक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को तीन दिन के रिमांड पर एसओजी को सौंप दिया गया।
पत्नी के साथ भोजन करने घर आते थे सुबोध
एसीबी सूत्रों के अनुसार सुबोध अग्रवाल दिल्ली में ही रह रहे हैं और प्रतिदिन केवल पत्नी के साथ भोजन करने के लिए घर आते थे। कुछ देर ठहरने के बाद वे दूसरी जगह चले जाते थे। मंगलवार सुबह एसीबी की कार्रवाई के बाद से वे घर नहीं पहुंचे और मोबाइल भी बंद है। एसीबी टीम दिल्ली में उनकी तलाश कर रही है।
कार साफ करने वाले के साथ घुसी टीम
दिल्ली निवासी सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव ने टीम के पहुंचने पर घर का गेट नहीं खोला। काफी देर इंतजार के बाद कार साफ करने आए व्यक्ति के साथ टीम घर में प्रवेश कर गई और उन्हें गिरफ्तार किया।
एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन भागते समय पकड़ा
बापू नगर स्थित पीयूष पथ निवासी निलंबित अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना को बाड़मेर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोपी जयपुर से जोधपुर पहुंचा और वहां से बाड़मेर चला गया। बाड़मेर से अन्य स्थान पर जाने की फिराक में रेलवे स्टेशन पर बैठा था, तभी एसीबी टीम ने दबोच लिया।


