सम्भल में मरकज़ी रुयते हिलाल कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक 18 फरवरी 2026 को मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता शहर मुफ़्ती हज़रत मुफ़्ती अलाउद्दीन अजमली साहब ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य रमज़ानुल मुबारक का चांद देखना था। सम्भल में खराब मौसम और बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। इसके बाद कमेटी ने देश के विभिन्न हिस्सों से संपर्क किया। बिहार, झारखंड, इलाहाबाद, औरंगाबाद, लखनऊ और दिल्ली से चांद देखे जाने की विश्वसनीय सूचनाएं प्राप्त हुईं। इन सूचनाओं के आधार पर कमेटी ने घोषणा की कि 19 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार को रमज़ान की पहली तारीख होगी। इसी दिन मुसलमान अपना पहला रोज़ा रखेंगे। यह भी बताया गया कि 18 फरवरी की रात से ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ अदा की जाएगी। इस ऐलान के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी। बैठक में क़ारी तन्ज़ीम अशरफ़ अजमली, इमाम-ए-ईदगाह मौलाना ज़हीरुल इस्लाम, मुफ़्ती शकील अहमद, मुफ़्ती राशिद सक़ाफ़ी, मुफ़्ती आलम नूरी, मुफ़्ती हसीब अख़्तर, मौलाना शरीफ़ लतीफ़ी, मौलाना कलीम अशरफ़, मौलाना शमशाद मिस्बाही, हाजी ज़फ़ीर अहमद, क़ारी वसी अशरफ़, क़ारी इकराम, क़ारी शाहिद, क़ारी सरताज, क़ारी सलमान, क़ारी ज़ाहिद, मास्टर इस्माईल, तकी अशरफ़ एडवोकेट और मुहम्मद उसैद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कमेटी ने सभी मुसलमानों से रमज़ान के पवित्र महीने में इबादत, रोज़ा, तरावीह और दुआओं का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। साथ ही, अमन-ओ-अमान और भाईचारे को मजबूत करने का भी आग्रह किया गया है।


