22 साल पुराने हत्या मामले में 2 दोषी करार:शेखपुरा कोर्ट ने ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में ठहराया दोषी

22 साल पुराने हत्या मामले में 2 दोषी करार:शेखपुरा कोर्ट ने ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में ठहराया दोषी

शेखपुरा सिविल कोर्ट के प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने बुधवार को 22 साल पुराने हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अरियरी थाना क्षेत्र के एकरामा गांव निवासी रमेश यादव और जेटला यादव को यह सजा सुनाई गई। न्यायालय ने इन दोनों की सजा पर सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की है। जिला लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा ने बताया कि इस मामले में एक अन्य नामजद अभियुक्त हरिवंश यादव को न्यायालय पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुका है। हालांकि, इस हत्याकांड के दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद यह घटना 2 अगस्त 2004 को हुई थी। उस दिन एकरामा गांव निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह गांव के बधार में मिट्टी कटाई का काम कर रहे थे। ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में इन सभी ने मिलकर वीरेंद्र कुमार सिंह के सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। कुल सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया मृतक वीरेंद्र के भाई राजेश कुमार ने अरियरी थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने अनुसंधान पूरा करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, मृतक के परिजन और ग्रामीणों सहित कुल सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने रमेश यादव और जेटला यादव को दोषी पाया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। न्यायालय ने 23 फरवरी को इन दोनों को सजा सुनाने के लिए फिर से अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। शेखपुरा सिविल कोर्ट के प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी ने बुधवार को 22 साल पुराने हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अरियरी थाना क्षेत्र के एकरामा गांव निवासी रमेश यादव और जेटला यादव को यह सजा सुनाई गई। न्यायालय ने इन दोनों की सजा पर सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की है। जिला लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा ने बताया कि इस मामले में एक अन्य नामजद अभियुक्त हरिवंश यादव को न्यायालय पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुका है। हालांकि, इस हत्याकांड के दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद यह घटना 2 अगस्त 2004 को हुई थी। उस दिन एकरामा गांव निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह गांव के बधार में मिट्टी कटाई का काम कर रहे थे। ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में इन सभी ने मिलकर वीरेंद्र कुमार सिंह के सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। कुल सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया मृतक वीरेंद्र के भाई राजेश कुमार ने अरियरी थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने अनुसंधान पूरा करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, मृतक के परिजन और ग्रामीणों सहित कुल सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने रमेश यादव और जेटला यादव को दोषी पाया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। न्यायालय ने 23 फरवरी को इन दोनों को सजा सुनाने के लिए फिर से अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *