कुशीनगर के दुदही विकास खंड की ग्राम सभा रामपुर बरहन में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगा है। इन आरोपों के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार से पंचायत भवन परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्रीनिवास कुशवाहा ने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क, नाली, खड़ंजा, पंचायत भवन मरम्मत, शौचालय और अन्य निर्माण कार्यों के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन मौके पर ये कार्य या तो अधूरे हैं या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में विकास कार्यों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, ग्राम सभा के खर्च में पारदर्शिता और सरकारी धन के दुरुपयोग पर तत्काल रोक शामिल है। इसके अतिरिक्त, नव निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति और पानी टंकी से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि 18 फरवरी से 25 फरवरी तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा। यदि प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो इसके बाद आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस संबंध में, रामपुर बरहन के ग्राम प्रधान असर्फी यादव ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में सभी कार्य पूरे कराए गए हैं। यादव के अनुसार, “कुछ समय पहले भी इन लोगों ने शिकायत की थी, जिसकी जांच हुई थी और मैं निर्दोष पाया गया था। अब चुनाव नजदीक हैं, इसलिए ये लोग चर्चा में रहने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं।”


