अस्लेमपुर पंचायत में लापरवाही मामले में मुखिया-सचिव पर कार्रवाई:स्वच्छता पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण में अनियमितता पर कोऑर्डिनेटर सख्त

अस्लेमपुर पंचायत में लापरवाही मामले में मुखिया-सचिव पर कार्रवाई:स्वच्छता पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण में अनियमितता पर कोऑर्डिनेटर सख्त

गया जिले के कोंच प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें 18 पंचायतों के स्वच्छता पर्यवेक्षकों को ओडीएफ प्लस श्रेणी में गांवों को उन्नत करने हेतु ठोस/तरल कचरा प्रबंधन और घर-घर डस्टबिन वितरण का प्रशिक्षण दिया गया। जिला समन्वयक जितेंद्र कुमार और मिथलेश कुमार ने यह प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान, अस्लेमपुर पंचायत में गंभीर लापरवाही सामने आई। यहां अब तक स्वच्छता पर्यवेक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है और न ही डस्टबिन का वितरण किया गया है। जिला समन्वयक ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया। उन्होंने कार्य में शिथिलता के लिए अस्लेमपुर की मुखिया रजनी कुमारी और पंचायत सचिव सूरज कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता मिशन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पंचायतों में कचरा संग्रह की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस प्रशिक्षण शिविर में प्रखंड समन्वयक अमरेश कुमार सहित 18 पंचायतों के पर्यवेक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। इनमें अजीत कुमार, श्रीनिवास कुमार, गुड्डू कुमार, कन्हैया शरण, प्रभात कुमार, जयराम पासवान, ऋषभ राज, सविंद्र कुमार, महफूज आलम, नौलेश कुमार, अमरेंद्र कुमार अकेला, अखिलेश कुमार, हर्ष रंजन, रवीराज, प्रीतेश कुमार, मिठू पासवान और रामकुमार द्विवेदी प्रमुख थे। गया जिले के कोंच प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें 18 पंचायतों के स्वच्छता पर्यवेक्षकों को ओडीएफ प्लस श्रेणी में गांवों को उन्नत करने हेतु ठोस/तरल कचरा प्रबंधन और घर-घर डस्टबिन वितरण का प्रशिक्षण दिया गया। जिला समन्वयक जितेंद्र कुमार और मिथलेश कुमार ने यह प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान, अस्लेमपुर पंचायत में गंभीर लापरवाही सामने आई। यहां अब तक स्वच्छता पर्यवेक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है और न ही डस्टबिन का वितरण किया गया है। जिला समन्वयक ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया। उन्होंने कार्य में शिथिलता के लिए अस्लेमपुर की मुखिया रजनी कुमारी और पंचायत सचिव सूरज कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता मिशन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पंचायतों में कचरा संग्रह की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस प्रशिक्षण शिविर में प्रखंड समन्वयक अमरेश कुमार सहित 18 पंचायतों के पर्यवेक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। इनमें अजीत कुमार, श्रीनिवास कुमार, गुड्डू कुमार, कन्हैया शरण, प्रभात कुमार, जयराम पासवान, ऋषभ राज, सविंद्र कुमार, महफूज आलम, नौलेश कुमार, अमरेंद्र कुमार अकेला, अखिलेश कुमार, हर्ष रंजन, रवीराज, प्रीतेश कुमार, मिठू पासवान और रामकुमार द्विवेदी प्रमुख थे।  

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