भागलपुर के सुल्तानगंज में मदन यादव को गोली मारा गया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 16 फरवरी को शिवनंदनपुर में हुई थी। बुधवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से एक देसी कट्टा, 10 जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद यादव, पिंटू यादव और नितेश यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह वारदात पुरानी आपसी रंजिश का परिणाम थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मदन यादव पर हमला किया गया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। सिटी एसपी ने जानकारी दी कि यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा है और इसका किसी बड़े आपराधिक गिरोह से सीधा संबंध नहीं है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बरामद हथियार और कारतूस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उनके उपयोग की पुष्टि हो सके। पुलिस ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। भागलपुर के सुल्तानगंज में मदन यादव को गोली मारा गया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 16 फरवरी को शिवनंदनपुर में हुई थी। बुधवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से एक देसी कट्टा, 10 जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद यादव, पिंटू यादव और नितेश यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह वारदात पुरानी आपसी रंजिश का परिणाम थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मदन यादव पर हमला किया गया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। सिटी एसपी ने जानकारी दी कि यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा है और इसका किसी बड़े आपराधिक गिरोह से सीधा संबंध नहीं है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बरामद हथियार और कारतूस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उनके उपयोग की पुष्टि हो सके। पुलिस ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


