गोंडा जिले के 151 परीक्षा केंद्रों पर यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी की परीक्षा आयोजित की गई। द्वितीय पाली में 45,618 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। महिला अध्यापिकाओं द्वारा बालिकाओं की और पुरुष अध्यापकों द्वारा बालकों की सघन तलाशी ली जा रही है। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और पेन के अलावा कोई अन्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं है। गोंडा जिले को अतिसंवेदनशील श्रेणी में घोषित किया गया है, जिसके चलते तलाशी अभियान और भी गहनता से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराना है। परीक्षार्थियों को दोपहर 2:30 बजे तक सघन जांच के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए 151 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 4 जोनल मजिस्ट्रेट, 151 केंद्र व्यवस्थापक, 151 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और 4,700 कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं। इस बार गोंडा जिले को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यूपी एसटीएफ और स्थानीय एलआईयू विभाग भी जिले के 151 परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर रख रहे हैं। जिला प्रशासन ने 14 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और तीन को अतिसंवेदनशील घोषित किया है, जहां अतिरिक्त निगरानी बरती जा रही है। इस वर्ष परीक्षा ड्यूटी में लगे 4,700 कक्ष निरीक्षकों को पहली बार क्यूआर कोड वाले परिचय पत्र जारी किए गए हैं।


