TRE-4 विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग की:सहरसा में छात्र नेता दिलीप कुमार ने किया छात्र संवाद

TRE-4 विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग की:सहरसा में छात्र नेता दिलीप कुमार ने किया छात्र संवाद

छात्र नेता दिलीप कुमार बुधवार को सहरसा पहुंचे। उन्होंने शहर के पटेल ग्राउंड में छात्र-छात्राओं के साथ एक व्यापक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मीडिया से बात करते हुए कुमार ने कहा कि सहरसा में पहली बार ऐसा छात्र संवाद हुआ है, और यहां के छात्रों में शिक्षक भर्ती को लेकर उत्साह और चिंता दोनों हैं। दिलीप कुमार ने सरकार से टीआरई-4 का विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि म्यूजिक, फिजिकल, कंप्यूटर, जियोग्राफी और पॉलिटिकल साइंस सहित सभी विषयों की रिक्त सीटों पर तत्काल बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने सरकार द्वारा जारी कैलेंडर में सितंबर 2026 की परीक्षा तिथि को अत्यधिक विलंबित बताया और इसे जून 2026 तक आयोजित करने की मांग की, ताकि अभ्यर्थियों का समय बर्बाद न हो। “वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट” की व्यवस्था लागू करने पर जोर उन्होंने “वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट” की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया, ताकि सीटें खाली न रहें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका समाप्त हो। कुमार ने यह भी मांग की कि परिणाम प्रकाशित करने से पहले बीपीएससी अपने स्तर पर सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन करे। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच के लिए एक अलग टीम गठित करने की भी मांग की गई। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की भी मांग की छात्र नेता ने टीआर-1, टीआर-2 और टीआर-3 में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने फर्जी तरीके से नियुक्त लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की भी मांग की। कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार टीआर-4 नियुक्ति को 2028 तक टालने की योजना बना रही है, जिसे छात्र संगठन स्वीकार नहीं करेगा। संवाद के दौरान सहरसा के कुछ कॉलेजों में नामांकन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहरसा के बाद अन्य जिलों का दौरा करेंगे दिलीप कुमार ने बताया कि सहरसा के बाद वे अन्य जिलों का दौरा करेंगे। उन्होंने जल्द ही पटना में एक बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बिहार के छात्र राज्यव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। छात्र नेता दिलीप कुमार बुधवार को सहरसा पहुंचे। उन्होंने शहर के पटेल ग्राउंड में छात्र-छात्राओं के साथ एक व्यापक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मीडिया से बात करते हुए कुमार ने कहा कि सहरसा में पहली बार ऐसा छात्र संवाद हुआ है, और यहां के छात्रों में शिक्षक भर्ती को लेकर उत्साह और चिंता दोनों हैं। दिलीप कुमार ने सरकार से टीआरई-4 का विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि म्यूजिक, फिजिकल, कंप्यूटर, जियोग्राफी और पॉलिटिकल साइंस सहित सभी विषयों की रिक्त सीटों पर तत्काल बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने सरकार द्वारा जारी कैलेंडर में सितंबर 2026 की परीक्षा तिथि को अत्यधिक विलंबित बताया और इसे जून 2026 तक आयोजित करने की मांग की, ताकि अभ्यर्थियों का समय बर्बाद न हो। “वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट” की व्यवस्था लागू करने पर जोर उन्होंने “वन कैंडिडेट, वन रिजल्ट” की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया, ताकि सीटें खाली न रहें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका समाप्त हो। कुमार ने यह भी मांग की कि परिणाम प्रकाशित करने से पहले बीपीएससी अपने स्तर पर सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन करे। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच के लिए एक अलग टीम गठित करने की भी मांग की गई। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की भी मांग की छात्र नेता ने टीआर-1, टीआर-2 और टीआर-3 में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने फर्जी तरीके से नियुक्त लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की भी मांग की। कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार टीआर-4 नियुक्ति को 2028 तक टालने की योजना बना रही है, जिसे छात्र संगठन स्वीकार नहीं करेगा। संवाद के दौरान सहरसा के कुछ कॉलेजों में नामांकन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहरसा के बाद अन्य जिलों का दौरा करेंगे दिलीप कुमार ने बताया कि सहरसा के बाद वे अन्य जिलों का दौरा करेंगे। उन्होंने जल्द ही पटना में एक बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बिहार के छात्र राज्यव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।  

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