बिहार विधानसभा परिषद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी सौरभ कुमार ने स्वास्थ्य विभाग में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में डॉक्टरों की भारी कमी और डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति व भुगतान में कथित घोटाले का मुद्दा उठाया। एमएलसी सौरभ कुमार ने सदन को बताया कि बेतिया जीएमसीएच में कुल 137 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। हालांकि, वर्तमान में यह अस्पताल मात्र 40 डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहा है। डॉक्टरों की इस भारी कमी के कारण मरीजों को समय पर और उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डेटा एंट्री ऑपरेटरों से संबंधित अनियमितताओं पर भी प्रकाश डाला उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में डेटा एंट्री ऑपरेटरों से संबंधित अनियमितताओं पर भी प्रकाश डाला। एमएलसी के अनुसार, विभाग में कार्यरत सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर संविदा पर रखे गए हैं और विभाग के पास अपना मजबूत तकनीकी ढांचा भी उपलब्ध नहीं है। प्रति डाटा एंट्री ऑपरेटर 26,819 रुपये का भुगतान सौरभ कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रति डाटा एंट्री ऑपरेटर 26,819 रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि संबंधित कर्मियों को वास्तव में केवल 13,919 रुपये ही मिलते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष राशि कहां जा रही है, और इसे एक गंभीर जांच का विषय बताया। बिहार विधानसभा परिषद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी सौरभ कुमार ने स्वास्थ्य विभाग में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में डॉक्टरों की भारी कमी और डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति व भुगतान में कथित घोटाले का मुद्दा उठाया। एमएलसी सौरभ कुमार ने सदन को बताया कि बेतिया जीएमसीएच में कुल 137 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। हालांकि, वर्तमान में यह अस्पताल मात्र 40 डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहा है। डॉक्टरों की इस भारी कमी के कारण मरीजों को समय पर और उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डेटा एंट्री ऑपरेटरों से संबंधित अनियमितताओं पर भी प्रकाश डाला उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में डेटा एंट्री ऑपरेटरों से संबंधित अनियमितताओं पर भी प्रकाश डाला। एमएलसी के अनुसार, विभाग में कार्यरत सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर संविदा पर रखे गए हैं और विभाग के पास अपना मजबूत तकनीकी ढांचा भी उपलब्ध नहीं है। प्रति डाटा एंट्री ऑपरेटर 26,819 रुपये का भुगतान सौरभ कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रति डाटा एंट्री ऑपरेटर 26,819 रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि संबंधित कर्मियों को वास्तव में केवल 13,919 रुपये ही मिलते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष राशि कहां जा रही है, और इसे एक गंभीर जांच का विषय बताया।


