फिरोजाबाद जिला अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बुजुर्ग मरीजों को घंटों तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर होना पड़ा। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि दवा लेने पहुंचे लोगों को या तो लंबे समय तक इंतजार कराया गया, या फिर उन्हें जनकल्याण केंद्र से दवा लेने की सलाह देकर टाल दिया गया। इस अव्यवस्था से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 70 वर्षीय मुन्नी देवी सुबह से दवा लेने के लिए लाइन में लगी थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें दवा नहीं मिल सकी। खड़े होने में असमर्थ यह बुजुर्ग महिला बार-बार बैठने की कोशिश करती दिखीं। उन्होंने बताया, “दो घंटे से खड़ी हूं, लेकिन दवा बांटने वाला ही नहीं है।” मौके की तस्वीरें देखिए मरीजों का दर्द उनकी जुबानी पढ़िए सैलई अंबेडकर पार्क क्षेत्र से आए किशनलाल (निवासी चौबान मुहल्ला) भी करीब एक घंटे तक लाइन में लगे रहे। मरीज संजू ने बताया कि वह सुबह साढ़े नौ बजे से कतार में खड़े थे, लेकिन काउंटर पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। 80 वर्षीय बंगाली बाबू और लालपुर सिकरारी से आईं नसरीन भी दो घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं। नसरीन ने बताया कि वह हड्डी की दवा लेने आई थीं, लेकिन इंतजार के बावजूद उन्हें दवा नहीं मिली। मोमीन नगर निवासी 60 वर्षीय सायरा भी दवा काउंटर पर परेशान नजर आईं। मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में दवा वितरण की व्यवस्था अक्सर लचर रहती है, जिससे खासकर बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि दवा काउंटर पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए और बुजुर्गों के लिए अलग से व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े। सीएमएस का कहना है कि मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मैं मौके पर जाकर देखता हूं।


