Second Marriage Trend : भारत में दूसरी शादी का 43% बढ़ा ट्रेंड, 87% पुरुषों को ऐसी महिलाओं में दिलचस्पी, स्टडी में खुलासा

Second Marriage Trend : भारत में दूसरी शादी का 43% बढ़ा ट्रेंड, 87% पुरुषों को ऐसी महिलाओं में दिलचस्पी, स्टडी में खुलासा

Second Marriage Trend In India : अक्सर फिल्मी सितारों की सेकेंड मैरिज की खबर सुनने को मिलती है। पर, आम भारतीय में भी दूसरी शादी का ट्रेंड बढ़ता दिख रहा है। एक स्टडी में बताया गया है कि भारत में दूसरी शादी का 43% ट्रेंड बढ़ा है। साथ ही शादी को लेकर जाति, पार्टनर का चुनाव आदि को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं। 36 गुण देखने वाले लोग अब सिर्फ एकाध गुण वाले पार्टनर को खोज रहे हैं।

जीवानसाथी की “मॉडर्न मैचमेकिंग रिपोर्ट 2026” (Modern Matchmaking Report 2026) के आधार पर भारतीय विवाहों में कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

Wedding Trends 2026 In India Report

शादी की सही उम्र में बदलाव

साल 2016 में जहां शादी के लिए औसत उम्र 27 साल थी, वहीं, 2025 तक यह बढ़कर 29 साल हो गई है। सर्वे के मुताबकि, अब 50% लोग 29 साल की उम्र में अपना पार्टनर खोजना शुरू करते हैं, क्योंकि वे सोशल प्रेशर के बजाय करियर की स्थिरता और खुद की पहचान को ज्यादा महत्व देते हैं।

भारत में दूसरी शादी का 43% बढ़ा ट्रेंड

Modern Matchmaking Report 2026

साथ ही भारत में दूसरी शादी का ट्रेंड भी बढ़ता दिख रहा है। सेकेंड मैरिज का ट्रेंड 2016 में 11 प्रतिशत तो वहीं, 2025 में 16 प्रतिशत के साथ 43 प्रतिशत तक बढ़ता दिख रहा है। इस हिसाब से भारत में दूसरी शादी को लेकर तेजी से दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है। समाज में तलाक और दूसरी शादी को लेकर सोच बदली है। जीवनसाथी की हर 6 में से 1 सफलता की कहानी अब दूसरी शादी करने वालों की होती है।

जाति के बंधनों में ढील

2016 में 91% लोग जाति को एक अनिवार्य शर्त मानते थे, लेकिन 2025 तक यह घटकर केवल 54% रह गया है। महानगरों में तो यह आंकड़ा और भी कम (49%) है, जो दिखाता है कि अब जाति से ज्यादा आपसी समझ मायने रखती है।

दिल्ली में पार्टनर खोज रहे युवा

कैपिटल सिटी जैसे- लखनऊ, जयपुर और भोपाल जैसे शहरों के युवा अपने शहर से ज्यादा दिल्ली में पार्टनर ढूंढना पसंद करते हैं। वैसे भी दिल्ली दिलवालों की है इसलिए, शायद लोगों को यहां पार्टनर खोजने में दिलचस्पी है।

बदलती सोच के साथ पार्टनर की तलाश

अब केवल एक व्यक्ति के कमाने का दौर खत्म हो रहा है। 42% लोग मानते हैं कि पति-पत्नी दोनों को बराबर योगदान देना चाहिए। साथ ही, 87% पुरुष अपनी पत्नी की उनसे ज्यादा कमाई होने पर सहज हैं। इस तरह से सोच भी बदलती दिख रही है। इतना ही नहीं, आज के दौर में “सही समय” से ज्यादा “सही इंसान” का मिलना महत्वपूर्ण हो गया है। लोग सही साथी मिलने पर 3-6 महीने के भीतर शादी करने के लिए तैयार रहते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *