किशनगंज में खनन विभाग के दो कर्मचारी गिरफ्तार:15 सदस्यीय निगरानी टीम ने की कार्रवाई, रिश्वत लेते प्रधान लिपिक और चपरासी को पकड़ा

किशनगंज में खनन विभाग के दो कर्मचारी गिरफ्तार:15 सदस्यीय निगरानी टीम ने की कार्रवाई, रिश्वत लेते प्रधान लिपिक और चपरासी को पकड़ा

किशनगंज में निगरानी विभाग ने मंगलवार सुबह खनन विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इनमें प्रधान लिपिक अशोक चौधरी और चपरासी सरोज कुमार शामिल हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से सभी हैरान रह गए। निगरानी विभाग की 15 सदस्यीय टीम सुबह ही किशनगंज पहुंच गई थी और कार्रवाई के लिए रणनीति बना रही थी। टीम खनन कार्यालय के खुलने का इंतजार कर रही थी। कार्यालय खुलते ही निगरानी टीम सक्रिय हो गई और दो अलग-अलग टीमों ने दोनों कर्मचारियों को पकड़ा। निगरानी टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार पीड़ित हबीब से रिश्वत की रकम अलग-अलग स्थानों पर देने की बात तय हुई थी। निगरानी टीम ने इसी आधार पर जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गई थी कि गिरफ्तारी से दो घंटे पहले तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी। यहां तक कि खनन कार्यालय के आसपास के दुकानदारों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। कार्यालय के पास हमेशा लोगों की भीड़ रहती है, जिससे शुरुआत में किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। जैसे-जैसे कार्रवाई की सूचना फैली, लोग चाय की दुकानों, होटलों और चौक-चौराहों पर इस विषय पर बात करते नजर आए। गिरफ्तार कर्मचारियों की तस्वीर… किशनगंज में निगरानी विभाग ने मंगलवार सुबह खनन विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इनमें प्रधान लिपिक अशोक चौधरी और चपरासी सरोज कुमार शामिल हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से सभी हैरान रह गए। निगरानी विभाग की 15 सदस्यीय टीम सुबह ही किशनगंज पहुंच गई थी और कार्रवाई के लिए रणनीति बना रही थी। टीम खनन कार्यालय के खुलने का इंतजार कर रही थी। कार्यालय खुलते ही निगरानी टीम सक्रिय हो गई और दो अलग-अलग टीमों ने दोनों कर्मचारियों को पकड़ा। निगरानी टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार पीड़ित हबीब से रिश्वत की रकम अलग-अलग स्थानों पर देने की बात तय हुई थी। निगरानी टीम ने इसी आधार पर जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गई थी कि गिरफ्तारी से दो घंटे पहले तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी। यहां तक कि खनन कार्यालय के आसपास के दुकानदारों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। कार्यालय के पास हमेशा लोगों की भीड़ रहती है, जिससे शुरुआत में किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। जैसे-जैसे कार्रवाई की सूचना फैली, लोग चाय की दुकानों, होटलों और चौक-चौराहों पर इस विषय पर बात करते नजर आए। गिरफ्तार कर्मचारियों की तस्वीर…  

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