पटना में कचरे के प्रॉपर प्रोसेसिंग के लिए रामचक बैरिया में काम काफी तेजी से चल रहा है। आज नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने समीक्षा की। उन्होंने मॉनसून से पहले रामचक बैरिया में लेगेसी वेस्ट के निष्पादन का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने 31 मई 2026 तक कूड़े के साइंटिफिक प्रोसेसिंग और डिस्पोजल का निर्देश दिया है। रामचक बैरिया में कार्यरत सभी एजेंसियों को उनके-उनके स्थल चिन्हित कर आवंटित कर दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे तुरंत मैन फोर्स बढ़ाए।
5 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन पूरे कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए 5 सदस्यीय “लेगेसी वेस्ट कमेटी” का गठन किया गया है। कूड़े के साइंटिफिक प्रोसेसिंग के लिए विंड्रोज़ पद्धति अपनाई जा रही है, जो पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है। इसके साथ ही सभी एजेंसियों को लेगेसी वेस्ट के प्रोसेसिंग और RDF (Refuse Derived Fuel) मटेरियल के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मौके पर कार्यरत तीन एजेंसियों में से दो एजेंसियों का काम असंतोषजनक पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। रामचक बैरिया के मशीन ICCC कैमरे से जुड़े यहां स्थापित सभी मशीनों के नजदीक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) तथा पटना नगर निगम के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे कामों की 24×7 मॉनिटरिंग की जाएगी। मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए फायर हाइड्रेंट और बोरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। जलापूर्ति की बैठक में 13 लोगों से मांगा गया स्पष्टीकरण इसके अलावा आज नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जलापूर्ति की बैठक भी आयोजित हुई। इस समीक्षा बैठक में योजना के सभी अधिकारियों ने कार्य प्रगति का डिटेल प्रस्तुत किया गया जो असंतोषजनक पाया गया। वार्ड नंबर- 21,16, 27, 36, 18, 42 और 24 में चल रही जलापूर्ति, पटना अंतर्गत राज्य योजना से संबंधित योजनाओं के 13 संवेदक और संबंधित अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनेगा फ्लाइंग स्क्वाड टीम आज नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस समीक्षा में नमामि गंगे परियोजना, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना, जलापूर्ति योजनाएं, विद्युत शवदाह गृह निर्माण सहित अन्य आधारभूत संरचना विकास कार्यों की डिटेल समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब योजनाओं की निगरानी पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय में बैठे-बैठे ही वीडियो कॉल के जरिए परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने फ्लाइंग स्क्वाड टीमों का गठन कर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। पटना में कचरे के प्रॉपर प्रोसेसिंग के लिए रामचक बैरिया में काम काफी तेजी से चल रहा है। आज नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने समीक्षा की। उन्होंने मॉनसून से पहले रामचक बैरिया में लेगेसी वेस्ट के निष्पादन का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने 31 मई 2026 तक कूड़े के साइंटिफिक प्रोसेसिंग और डिस्पोजल का निर्देश दिया है। रामचक बैरिया में कार्यरत सभी एजेंसियों को उनके-उनके स्थल चिन्हित कर आवंटित कर दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे तुरंत मैन फोर्स बढ़ाए।
5 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन पूरे कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए 5 सदस्यीय “लेगेसी वेस्ट कमेटी” का गठन किया गया है। कूड़े के साइंटिफिक प्रोसेसिंग के लिए विंड्रोज़ पद्धति अपनाई जा रही है, जो पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है। इसके साथ ही सभी एजेंसियों को लेगेसी वेस्ट के प्रोसेसिंग और RDF (Refuse Derived Fuel) मटेरियल के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मौके पर कार्यरत तीन एजेंसियों में से दो एजेंसियों का काम असंतोषजनक पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। रामचक बैरिया के मशीन ICCC कैमरे से जुड़े यहां स्थापित सभी मशीनों के नजदीक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) तथा पटना नगर निगम के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे कामों की 24×7 मॉनिटरिंग की जाएगी। मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए फायर हाइड्रेंट और बोरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। जलापूर्ति की बैठक में 13 लोगों से मांगा गया स्पष्टीकरण इसके अलावा आज नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जलापूर्ति की बैठक भी आयोजित हुई। इस समीक्षा बैठक में योजना के सभी अधिकारियों ने कार्य प्रगति का डिटेल प्रस्तुत किया गया जो असंतोषजनक पाया गया। वार्ड नंबर- 21,16, 27, 36, 18, 42 और 24 में चल रही जलापूर्ति, पटना अंतर्गत राज्य योजना से संबंधित योजनाओं के 13 संवेदक और संबंधित अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनेगा फ्लाइंग स्क्वाड टीम आज नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस समीक्षा में नमामि गंगे परियोजना, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना, जलापूर्ति योजनाएं, विद्युत शवदाह गृह निर्माण सहित अन्य आधारभूत संरचना विकास कार्यों की डिटेल समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब योजनाओं की निगरानी पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय में बैठे-बैठे ही वीडियो कॉल के जरिए परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने फ्लाइंग स्क्वाड टीमों का गठन कर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।


