यमुनानगर में सरकारी टेंडर में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। टेंडर दिलाने और साझेदारी में मुनाफा कमाने का झांसा देकर बिहार के मां-बेटे ने दो युवकों से करीब 16.5 लाख रुपये हड़प लिए। फर्जी दस्तावेज, नकली टेंडर और झूठे आश्वासनों के जरिए लंबे समय तक भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया, जबकि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी तक दी गई। पीड़ितों की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, गबन और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमएम यूनिवर्सिटी में हुई मुलाकात शिकायतकर्ता देवेंद्र अग्रवाल निवासी पुराना हमीदा व प्रतीक वर्मा निवासी शर्मा गार्डन ने अपनी दरखास्त में बताया कि उनका मित्र भूपेश एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना में बी-टेक की पढ़ाई कर रहा था, जहां उसकी मुलाकात कुमार अभिषेक निवासी शहजादपुर अंदर किला, गांव हाजीपुर, जिला वैशाली, बिहार से हुई। भूपेश ने ही शिकायतकर्ताओं की पहचान अभिषेक से करवाई। अभिषेक ने बताया कि उसकी “फिनोलिटी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड” नाम से फर्म है और वह शैक्षणिक संस्थानों व अन्य संस्थानों में कंप्यूटर मेंटेनेंस, इंटरनेट और रोबोटिक्स से संबंधित टेंडर लेता है तथा मुलाना यूनिवर्सिटी के इन्क्यूबेशन सेंटर से भी जुड़े कार्य किए हैं। अप्रैल 2025 में वह भूपेश के साथ यमुनानगर शिकायतकर्ताओं के घर आया और कहा कि टेंडर लेने के लिए पैसों की जरूरत होती है, पर उसके पास पूंजी नहीं है। यदि शिकायतकर्ता निवेश करें तो उन्हें साझेदार बनाकर मुनाफा बराबर बांटा जाएगा। सरकारी विभाग में टेंडर आने की बात कहकर कराया निवेश मई 2025 में उसने फिर संपर्क कर बताया कि उसने “फिनोलिटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड” नाम से नई कंपनी बना ली है, जिसमें वह और उसकी मां लीना देव निदेशक हैं और बिहार-झारखंड में टेंडर ले रहे हैं, पर धन की कमी के कारण टेंडर नहीं उठा पा रहे। इसके बाद 14 मई 2025 को उसने झारखंड के एक सरकारी विभाग में कंप्यूटर अपग्रेडेशन का टेंडर आने की बात कहकर निवेश करने को कहा। शिकायतकर्ताओं ने भरोसा करके अलग-अलग तिथियों में कुल 52,100 रुपये भेजे। भुगतान मिलने का आश्वासन बार-बार दिया जाता रहा, पर पैसा नहीं मिला। जून 2025 में फिर लगभग 1,50,000 रुपये के दूसरे टेंडर का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में 1,57,540 रुपये और ले लिए। 19 अगस्त 2025 को झारखंड उद्योग विभाग में दो लैपटॉप की जरूरत बताकर लगभग 3,20,000 रुपये के टेंडर का हवाला दिया और इस बार भी विभिन्न तिथियों में 2,20,000 रुपये ले लिए। नई कंपनी बनाने का रखा प्रस्ताव अगस्त 2025 में कुमार अभिषेक ने प्रस्ताव रखा कि तीनों मिलकर “शिव शक्ति क्वांटम टेक प्राइवेट लिमिटेड” नाम से नई कंपनी बनाएं, जिसमें उसकी मां का कोई संबंध न हो और आगे बड़े टेंडर इसी कंपनी से किए जाएं। इस पर 28.08.2025 को कंपनी बना ली गई। सितंबर 2025 में पंजाब की किमका कंपनी के पटना कार्यालय में कंप्यूटर सप्लाई के बड़े टेंडर के नाम पर 26.09.2025 को 1,28,500 रुपये कंपनी खाते में जमा करवाए गए। इसके बाद 19.10.2025 को 52,02,791 रुपये के एक अन्य टेंडर तथा बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, पटना में लगभग दो करोड़ रुपये के कंप्यूटर इंस्टॉलेशन कार्य के दस्तावेज दिखाकर 5,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी बनवाया गया। परिवार से बात करने पर सुसाइड की धमकी शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि व्यक्तिगत जरूरत बताकर अलग-अलग तिथियों में करीब 9,50,000 रुपये और ले लिए गए तथा 17.12.2025 दिनांक का 9,50,000 रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। अक्टूबर 2025 में उन्हें संदेह हुआ तो वे 17.11.2025 को पटना पहुंचे, पर मुलाकात टाली जाती रही। 18.11.2025 को हिसाब साफ करने का आश्वासन दिया गया, पर अगले दिन व्हाट्सएप संदेश भेजकर कहा गया कि परिवार से बात की तो आत्महत्या कर लेगा और फोन बंद कर दिया। बाद में अभिषेक की मां लीना देवी से मिलने पर भी टालमटोल की गई। सभी टेंडर निकले फर्जी 20.11.2025 को शिकायतकर्ता रांची जाकर संबंधित विभागों में जानकारी लेने पहुंचे, जहां पता चला कि सभी टेंडर फर्जी हैं और अधिकारियों के हस्ताक्षर भी नकली बनाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार शुरू से ही आरोपियों की नीयत धोखाधड़ी कर रकम हड़पने की थी और कुल लगभग 16,50,000 रुपये उनसे ठगे गए। 19.12.2025 को संपर्क करने पर आरोपी के भाई हिमांशु ने फोन उठाकर जान से मारने की धमकी दी। इस प्रकार शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की। यमुनानगर में सरकारी टेंडर में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। टेंडर दिलाने और साझेदारी में मुनाफा कमाने का झांसा देकर बिहार के मां-बेटे ने दो युवकों से करीब 16.5 लाख रुपये हड़प लिए। फर्जी दस्तावेज, नकली टेंडर और झूठे आश्वासनों के जरिए लंबे समय तक भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया, जबकि विरोध करने पर जान से मारने की धमकी तक दी गई। पीड़ितों की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, गबन और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमएम यूनिवर्सिटी में हुई मुलाकात शिकायतकर्ता देवेंद्र अग्रवाल निवासी पुराना हमीदा व प्रतीक वर्मा निवासी शर्मा गार्डन ने अपनी दरखास्त में बताया कि उनका मित्र भूपेश एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना में बी-टेक की पढ़ाई कर रहा था, जहां उसकी मुलाकात कुमार अभिषेक निवासी शहजादपुर अंदर किला, गांव हाजीपुर, जिला वैशाली, बिहार से हुई। भूपेश ने ही शिकायतकर्ताओं की पहचान अभिषेक से करवाई। अभिषेक ने बताया कि उसकी “फिनोलिटी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड” नाम से फर्म है और वह शैक्षणिक संस्थानों व अन्य संस्थानों में कंप्यूटर मेंटेनेंस, इंटरनेट और रोबोटिक्स से संबंधित टेंडर लेता है तथा मुलाना यूनिवर्सिटी के इन्क्यूबेशन सेंटर से भी जुड़े कार्य किए हैं। अप्रैल 2025 में वह भूपेश के साथ यमुनानगर शिकायतकर्ताओं के घर आया और कहा कि टेंडर लेने के लिए पैसों की जरूरत होती है, पर उसके पास पूंजी नहीं है। यदि शिकायतकर्ता निवेश करें तो उन्हें साझेदार बनाकर मुनाफा बराबर बांटा जाएगा। सरकारी विभाग में टेंडर आने की बात कहकर कराया निवेश मई 2025 में उसने फिर संपर्क कर बताया कि उसने “फिनोलिटी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड” नाम से नई कंपनी बना ली है, जिसमें वह और उसकी मां लीना देव निदेशक हैं और बिहार-झारखंड में टेंडर ले रहे हैं, पर धन की कमी के कारण टेंडर नहीं उठा पा रहे। इसके बाद 14 मई 2025 को उसने झारखंड के एक सरकारी विभाग में कंप्यूटर अपग्रेडेशन का टेंडर आने की बात कहकर निवेश करने को कहा। शिकायतकर्ताओं ने भरोसा करके अलग-अलग तिथियों में कुल 52,100 रुपये भेजे। भुगतान मिलने का आश्वासन बार-बार दिया जाता रहा, पर पैसा नहीं मिला। जून 2025 में फिर लगभग 1,50,000 रुपये के दूसरे टेंडर का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में 1,57,540 रुपये और ले लिए। 19 अगस्त 2025 को झारखंड उद्योग विभाग में दो लैपटॉप की जरूरत बताकर लगभग 3,20,000 रुपये के टेंडर का हवाला दिया और इस बार भी विभिन्न तिथियों में 2,20,000 रुपये ले लिए। नई कंपनी बनाने का रखा प्रस्ताव अगस्त 2025 में कुमार अभिषेक ने प्रस्ताव रखा कि तीनों मिलकर “शिव शक्ति क्वांटम टेक प्राइवेट लिमिटेड” नाम से नई कंपनी बनाएं, जिसमें उसकी मां का कोई संबंध न हो और आगे बड़े टेंडर इसी कंपनी से किए जाएं। इस पर 28.08.2025 को कंपनी बना ली गई। सितंबर 2025 में पंजाब की किमका कंपनी के पटना कार्यालय में कंप्यूटर सप्लाई के बड़े टेंडर के नाम पर 26.09.2025 को 1,28,500 रुपये कंपनी खाते में जमा करवाए गए। इसके बाद 19.10.2025 को 52,02,791 रुपये के एक अन्य टेंडर तथा बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, पटना में लगभग दो करोड़ रुपये के कंप्यूटर इंस्टॉलेशन कार्य के दस्तावेज दिखाकर 5,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी बनवाया गया। परिवार से बात करने पर सुसाइड की धमकी शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि व्यक्तिगत जरूरत बताकर अलग-अलग तिथियों में करीब 9,50,000 रुपये और ले लिए गए तथा 17.12.2025 दिनांक का 9,50,000 रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। अक्टूबर 2025 में उन्हें संदेह हुआ तो वे 17.11.2025 को पटना पहुंचे, पर मुलाकात टाली जाती रही। 18.11.2025 को हिसाब साफ करने का आश्वासन दिया गया, पर अगले दिन व्हाट्सएप संदेश भेजकर कहा गया कि परिवार से बात की तो आत्महत्या कर लेगा और फोन बंद कर दिया। बाद में अभिषेक की मां लीना देवी से मिलने पर भी टालमटोल की गई। सभी टेंडर निकले फर्जी 20.11.2025 को शिकायतकर्ता रांची जाकर संबंधित विभागों में जानकारी लेने पहुंचे, जहां पता चला कि सभी टेंडर फर्जी हैं और अधिकारियों के हस्ताक्षर भी नकली बनाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार शुरू से ही आरोपियों की नीयत धोखाधड़ी कर रकम हड़पने की थी और कुल लगभग 16,50,000 रुपये उनसे ठगे गए। 19.12.2025 को संपर्क करने पर आरोपी के भाई हिमांशु ने फोन उठाकर जान से मारने की धमकी दी। इस प्रकार शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की।


