ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा आज भारत के राजकीय दौरे पर आ रहे हैं। वे 18 से 22 फरवरी तक भारत में रहेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री पीएम मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। इस बार राष्ट्रपति लूला अपने साथ 260 कंपनियों के मालिकों और अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर आ रहे हैं। उनके साथ करीब 14 मंत्री भी भारत आ रहे हैं। भारत पहुंचने के बाद राष्ट्रपति लूला 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में हो रहे दूसरे AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। उन्होंने भारत रवाना होते समय कहा कि वे इस समिट में भाग लेंगे और भारत के साथ नए सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में भारत और ब्राजील के बीच व्यापार 15 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा रहा है। भारत दौरे के बाद वे दक्षिण कोरिया भी जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे राष्ट्रपति लूला की 21 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बैठक में दोनों देश अपने रिश्तों की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। पीएम मोदी उनके सम्मान में एक लंच का आयोजन भी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला की बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा खासकर नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और दवाइयां, महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ मिनरल्स, विज्ञान और तकनीक, नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और लोगों के बीच कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इनमें बहुपक्षीय मंचों में सहयोग, ग्लोबल रूल ऑर्डर में सुधार, ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे, संयुक्त राष्ट्र (UN) सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस दौरे के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति लूला से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में एक राजकीय भोज देंगी। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी उनसे मिलेंगे। राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा यह राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा है। वे पहली बार 2004 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। आखिरी बार वे सितंबर 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे। प्रधानमंत्री मोदी जुलाई 2025 में ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया के राजकीय दौरे पर गए थे, जो 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय यात्रा थी। नवंबर 2025 में दोनों नेता जोहान्सबर्ग में जी20 बैठक के दौरान भी मिले थे। भारत-ब्राजील UN और BRICS जैसे मंचों पर मिलकर काम करते हैं भारत और ब्राजील के रिश्ते बहुत अच्छे रहे हैं। साल 2006 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। दोनों ही देश लोकतंत्र में भरोसा रखते हैं और दुनिया में शांति और बराबरी की बात करते हैं। भारत और ब्राजील BRICS, G20, UN और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ मिलकर काम करते हैं। रक्षा के मामले में दोनों देशों के बीच 2003 में समझौता हुआ था, जिसे 2006 में मंजूरी मिली। जुलाई 2025 में संयुक्त रक्षा समिति की बैठक ब्राजील में हुई। दोनों देशों के सैन्य अधिकारी एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहते हैं। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी दोनों साथ काम कर रहे हैं। भारत ने 2021 में ब्राजील का उपग्रह Amazonia-1 लॉन्च किया था। तेल और गैस के मामले में ब्राजील, अमेरिका महाद्वीप में भारत का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट सेंटर है। बॉयो फ्यूल के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। ब्राजील ग्लोबल बॉयोफ्यूल अलायंस का सह-संस्थापक सदस्य है। कृषि, फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन भी दोनों देशों के सहयोग के अहम क्षेत्र हैं। भारत की गिर और कांकरेज जैसी गायों की नस्लें पहले ब्राजील भेजी गई थीं, जिन्हें वहां की जरूरत के हिसाब से विकसित किया गया। कई ब्राजीली छात्र और अधिकारियों ने भारत आकर ट्रेनिंग ली हेल्थ सेक्टर में 2020 में दोनों देशों ने समझौता किया। ब्राजील की स्वास्थ्य नीति में आयुर्वेद और योग को वैकल्पिक इलाज के तौर पर जगह दी गई है। डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में भी 2025 में समझौता हुआ, जिसके तहत दोनों देश बड़े स्तर पर लागू डिजिटल सिस्टम और समाधान एक-दूसरे से साझा करेंगे। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी भारत और ब्राजील साथ काम कर रहे हैं। ब्राजील में हुए संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन में भारत ने सक्रिय भाग लिया। तकनीकी सहयोग और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के तहत कई ब्राजीली छात्र और अधिकारी भारत आकर ट्रेनिंग ले चुके हैं। सांस्कृतिक रिश्ते भी काफी मजबूत हैं। ब्राजील में भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान और शास्त्रीय नृत्य को लोग पसंद कर रहे हैं। साओ पाउलो में 2011 में भारत का पहला सांस्कृतिक केंद्र खोला गया था। ब्राजील के कई शहरों में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगी है महात्मा गांधी को ब्राजील में काफी सम्मान दिया जाता है। रियो डी जेनेरियो, साओ पाउलो और ब्रासीलिया जैसे शहरों में उनकी प्रतिमाएं लगी हुई हैं। 2025 में ब्राजील के आचार्य जोनस मासेट्टी को भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया। भारतीय फिल्में भी ब्राजील में पसंद की जाती हैं और 2024 में साओ पाउलो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारत को फोकस कंट्री बनाया गया। ब्राजील में करीब 4,000 भारतीय रहते हैं। ज्यादातर लोग साओ पाउलो और रियो डी जेनेरियो में बसे हैं। ये लोग कारोबार, नौकरी और रिसर्च जैसे कामों से जुड़े हुए हैं।
ब्राजील के राष्ट्रपति आज भारत के दौरे पर आ रहे:14 मंत्री, 260 कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भी आएगा; दिल्ली की AI समिट में शामिल होंगे


