देर से पहुंचे तो छूटी परीक्षा, छात्रा दीवार फांद कर अंदर घुसी, कर्मियों ने निकाला

एजुकेशन रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा मंगलवार से शुरू हुई, तो पहले ही दिन विलंब से पहुंचने के कारण कई छात्र-छात्राओं की परीक्षा छूट गई। शहर स्थित एक केंद्र पर गेट बंद होने के बाद परिजनों के सहारे छात्रा दीवार फांदकर अंदर घुस गई, लेकिन कर्मियों ने उसे बाहर निकाल दिया। इसको लेकर परिजनों ने हंगामा किया। मौके पर पहुंचे मजिस्ट्रेट ने समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के बाद तक वीक्षक पहुंचे, जिन्हें किसी तरह प्रवेश मिला। जिला शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त माहौल में हुई। जिले में 82 केंद्र मैट्रिक परीक्षा के लिए बनाए गए हैं। पहली पाली में 32324 परीक्षार्थी थे, जिसमें 426 अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 33871 परीक्षार्थी थे, जिसमें 447 अनुपस्थित रहे। पहले दिन परीक्षार्थियों की तरह वीक्षक भी विलंब से कई केंद्रों पर पहुंचे। परीक्षार्थियों की तरह वे गेट पीटते रहे। मजिस्ट्रेट की अनुमति से केंद्रों पर देर से आने वाले वीक्षकों का प्रवेश कराया गया। इसको लेकर अभिभावकों ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि परीक्षार्थियों की तरह वीक्षक को भी केंद्र से लौटाया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उधर, सभी केंद्रों पर प्रशासन की ओर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन व वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। स्वच्छ, शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर दिशा-निर्देश दिए। महिला शिल्प कला महाविद्यालय सहित कई अन्य केंद्रों का निरीक्षण अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, तलाशी व प्रवेश की व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवेश द्वार पर स्टैटिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में सघन फ्रिस्किंग कराने, इलेक्ट्रानिक एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री पर पूर्ण रोक लगाने तथा प्रत्येक परीक्षार्थी की कड़ाई से फ्रिस्किंग करने का निर्देश दिया। परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पहले दिन कई केंद्रों पर जूता मोजा में परीक्षार्थी पहुंच गए। उन्हें प्रवेश द्वार पर जूता खुलवाने के बाद अंदर जाने की अनुमति दी गई। प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक दंडाधिकारी व पर्याप्त पुलिस बल तैनात है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे है। परीक्षा छूटने पर विशेष परीक्षा का प्रावधान जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों को कहा है कि किन्हीं कारणों से किसी दिन की परीक्षा छूट जाए, तो परेशान न हों। परीक्षा समाप्ति के कुछ ही दिनों बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें संबंधित परीक्षार्थी अपने छूटे हुए विषय या संपूर्ण परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। एजुकेशन रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा मंगलवार से शुरू हुई, तो पहले ही दिन विलंब से पहुंचने के कारण कई छात्र-छात्राओं की परीक्षा छूट गई। शहर स्थित एक केंद्र पर गेट बंद होने के बाद परिजनों के सहारे छात्रा दीवार फांदकर अंदर घुस गई, लेकिन कर्मियों ने उसे बाहर निकाल दिया। इसको लेकर परिजनों ने हंगामा किया। मौके पर पहुंचे मजिस्ट्रेट ने समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के बाद तक वीक्षक पहुंचे, जिन्हें किसी तरह प्रवेश मिला। जिला शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त माहौल में हुई। जिले में 82 केंद्र मैट्रिक परीक्षा के लिए बनाए गए हैं। पहली पाली में 32324 परीक्षार्थी थे, जिसमें 426 अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 33871 परीक्षार्थी थे, जिसमें 447 अनुपस्थित रहे। पहले दिन परीक्षार्थियों की तरह वीक्षक भी विलंब से कई केंद्रों पर पहुंचे। परीक्षार्थियों की तरह वे गेट पीटते रहे। मजिस्ट्रेट की अनुमति से केंद्रों पर देर से आने वाले वीक्षकों का प्रवेश कराया गया। इसको लेकर अभिभावकों ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि परीक्षार्थियों की तरह वीक्षक को भी केंद्र से लौटाया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उधर, सभी केंद्रों पर प्रशासन की ओर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन व वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। स्वच्छ, शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर दिशा-निर्देश दिए। महिला शिल्प कला महाविद्यालय सहित कई अन्य केंद्रों का निरीक्षण अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, तलाशी व प्रवेश की व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवेश द्वार पर स्टैटिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में सघन फ्रिस्किंग कराने, इलेक्ट्रानिक एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री पर पूर्ण रोक लगाने तथा प्रत्येक परीक्षार्थी की कड़ाई से फ्रिस्किंग करने का निर्देश दिया। परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पहले दिन कई केंद्रों पर जूता मोजा में परीक्षार्थी पहुंच गए। उन्हें प्रवेश द्वार पर जूता खुलवाने के बाद अंदर जाने की अनुमति दी गई। प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक दंडाधिकारी व पर्याप्त पुलिस बल तैनात है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे है। परीक्षा छूटने पर विशेष परीक्षा का प्रावधान जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों को कहा है कि किन्हीं कारणों से किसी दिन की परीक्षा छूट जाए, तो परेशान न हों। परीक्षा समाप्ति के कुछ ही दिनों बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें संबंधित परीक्षार्थी अपने छूटे हुए विषय या संपूर्ण परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं।  

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