प्रदेश में 25 लाख 95 हजार युवा बेरोजगार हैं जिनका पंजीयन जिला रोजगार कार्यालयों में हैं। सबसे अधिक एक लाख 5 हजार 110 रजिस्टर्ड बेरोजगार युवाओं की संख्या ग्वालियर जिले में है जबकि सबसे कम रोजगार आकांक्षी युवाओं की संख्या पांढुर्णा जिले में 3317 है।वर्ष 2025 की स्थिति में जिन युवाओं के रजिस्ट्रेशन जिला रोजगार कार्यालय में है उसमें ग्वालियर के बाद दूसरा स्थान भोपाल का है जहां 1 लाख 1 हजार 940 युवाओं को रोजगार की दरकार है। विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के लिखित जवाब में राज्य मंत्री कौशल विकास और रोजगार गौतम टेटवाल ने बताया है कि एमपी रोजगार पोर्टल पर स्कूल शिक्षित, महाविद्यालय शिक्षित आकांक्षी युवाओं का पंजीयन स्वैच्छिक रूप से किया जाता है। प्रदेश के सभी स्तर के शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने का सरकार काम करती है। मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल पर 3 साल की अवधि में रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करने का प्रावधान है। नवीनीकरण नहीं किए जाने की स्थिति में पंजीयन निरस्त कर दिया जाता है। इन जिलों में 50 हजार से अधिक बेरोजगार जिन जिलों में 50000 से अधिक युवा बेरोजगार के रूप में रजिस्टर्ड हैं उन जिलों में बालाघाट में 81919,बैतूल में 66934, भिंड में 65523, छतरपुर में 72188, छिंदवाड़ा में 84599, देवास में 75146, इंदौर में 81710, जबलपुर में 84974, खरगोन में 56469, मुरैना में 82876, नर्मदा पुरम में 51167, राजगढ़ में 50968, रीवा में 92389, सागर में 92239, सतना में 86500, सिवनी में 61507, शिवपुरी में 57523, उज्जैन में 51125 युवा रजिस्टर्ड हैं। जिन जिलों में सबसे कम युवा रोजगार पाने के लिए रजिस्टर्ड हैं उसमें पांढुर्णा में 3317 के अलावा मऊगंज में 6647, मैहर में 7596, बुरहानपुर में 13816, आगर मालवा में 15921, हरदा में 16845, निवाड़ी में 15578 और श्योपुर में 19492 हैं। 2018 से अब तक यह रही बेरोजगारों की वर्षवार स्थिति विधानसभा में दी गई जानकारी में बताया गया है कि वर्ष 2018 में 26 लाख 81हजार 868, वर्ष 2019 में 31 लाख 54 हजार 710, वर्ष 2020 में 24 लाख 72 हजार 492, वर्ष 2021 में 30 लाख 23 हजार 107, वर्ष 2022 में 30 लाख 64 हजार 331, वर्ष 2023 में 33 लाख 13 हजार 463, वर्ष 2024 में 26 लाख 18 हजार 312, वर्ष 2025 में 25 लाख 95 हजार 680 युवाओं का नाम ऐसे आकांक्षी युवा के रूप में दर्ज है जिन्हें रोजगार की जरूरत है। जानकारी में यह भी बताया गया है कि 16 जनवरी 2026 की स्थिति में आकांक्षी युवाओं की संख्या 24 लाख 82 हजार 512 है। 16 जनवरी 2024 से 15 जनवरी 2025 के बीच एमपी में रोजगार आकांक्षा युवाओं की संख्या 2 लाख 99 हजार 359 थी जबकि 16 जनवरी 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच में 5 लाख 77 हजार 95 आकांक्षी युवा रजिस्टर्ड हुए हैं। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 2021 में यह रही रजिस्ट्रेशन की स्थिति एमपी रोजगार पोर्टल पर 31 दिसंबर 2021 की स्थिति में दसवीं पास आकांक्षी युवाओं की संख्या 8 लाख 6 हजार 715 रही है। इसके बाद 12वीं पास युवाओं की संख्या 11 लाख 18 हजार 108, स्नातक पास कर चुके रजिस्टर्ड युवाओं की संख्या 7 लाख 13 हजार 665 और अन्य शिक्षा प्राप्त युवाओं की संख्या 1 लाख 57 हजार 454 थी। इस तरह कुल 30 लाख 23 हजार 107 युवा रजिस्टर्ड थे। इसी अवधि में एससी वर्ग के बेरोजगार युवाओं की संख्या 1 लाख 84 हजार 202 और एसटी वर्ग के युवाओं की संख्या 4 लाख 51 हजार 321, ओबीसी के युवाओं की संख्या 13 लाख 23 हजार 745 तथा सामान्य वर्ग के युवाओं की संख्या 10 लाख 63 हजार 839 थी। 31 दिसंबर 2021 की स्थिति में ही एससी वर्ग की 74 हजार 949 महिला और 1 लाख 9 हजार 253 पुरुष, एसटी वर्ग में 2 लाख 1 हजार 356 महिला और 2 लाख 49 हजार 965 पुरुष, अन्य पिछड़ा वर्ग में 4 लाख 52 हजार 491 महिला तथा 8 लाख 81 हजार254 पुरुष एवं सामान्य वर्ग के चार लाख 53 हजार 474 महिला और 6 लाख 10 हजार 365 पुरुष रोजगार न मिलने वाले युवाओं के रूप में रजिस्टर्ड थे। 31 दिसंबर 2025 की स्थिति में रोजगार से वंचित युवाओं की वर्गवार यह रही स्थिति मंत्री ने विधानसभा को दी गई जानकारी में बताया है कि 31 दिसंबर 2025 की स्थिति में दसवीं पास युवाओं की जो संख्या पोर्टल पर दर्ज है वह 3 लाख 16 हजार 892 है। वहीं 12वीं पास युवाओं की संख्या 9 लाख 78 हजार 564, स्नातक पास युवाओं की संख्या 6 लाख 17 हजार 231, स्नातकोत्तर पास युवाओं की संख्या 2 लाख 29 हजार 116 अन्य शिक्षा प्राप्त युवाओं की संख्या 4 लाख 53 हजार 877 दर्ज हैं।
इस तरह कुल 25 लाख 95 हजार 680 युवाओं को रोजगार चाहिए। 31 दिसंबर 2025 की स्थिति में ही एससी वर्ग के जो युवा पोर्टल पर रोजगार आकांक्षाी के रूप में दर्ज हैं उनकी संख्या 4 लाख 70 हजार 542, एसटी वर्ग के युवाओं की संख्या 4 लाख 18 हजार 574, ओबीसी के युवाओं की संख्या 10 लाख 54 हजार 831 तथा सामान्य वर्ग के युवाओं की संख्या 6 लाख 51 हजार 733 रजिस्टर्ड हैं।
इसी समय अवधि में एससी वर्ग की महिलाओं की संख्या 2 लाख 9 हजार 807, पुरुषों की संख्या 2 लाख 60 हजार 735, अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं की संख्या 2 लाख 203, पुरुषों की संख्या 2 लाख 18 हजार 371, अन्य पिछड़ा वर्ग के महिलाओं की संख्या 4 लाख 72 हजार 533, पुरुषों की संख्या 5 लाख 82 हजार 298 तथा सामान्य वर्ग के युवा महिलाओं की संख्या 2 लाख 94 हजार 429 तथा पुरुषों की संख्या 3 लाख 57 हजार 304 दर्ज हैं।


