बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख लगाई है। यह आदेश न्यायमूर्ति अशुतोष श्रीवास्तव ने तौकीर रजा की जमानत याचिका पर दिया है।
मामले के तथ्यों के अनुसार 26 सितंबर 2025 को मौलाना तौकीर रजा ने बरेली के इस्लामिया इंटर कॉलेज में एक विशेष समुदाय के सदस्यों को इकट्ठा होने का आह्वान किया था। इस पर बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद लगभग 500 लोगों की भीड़ इकट्ठी हुई और मौलाना आजाद इंटर कॉलेज से श्यामगंज चौराहे की ओर बढ़ी।
बोर्ड आदि लिए और भड़काऊ नारे लगाते हुए भीड़ ने पुलिस की चेतावनी और समझाने की कोशिशों को नजरअंदाज किया। और आगे बढ़ने पर अड़े रहे, तो स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद भीड़ में शामिल लोगों ने पुलिस बल पर ईंटें, पत्थर व एसिड की बोतलें फेंकी और पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी भी की। एफआईआर के अनुसार हिंसा में पुलिसकर्मियों के कपड़े फट गए और दो अधिकारी घायल हो गए। आरोप है कि भीड़ की आक्रामक कार्रवाई ने क्षेत्र में आतंक का माहौल बना दिया। को तर्कसंगत बातचीत के माध्यम से भीड़ को समझाने में विफल रहने के बाद पुलिस अधिकारियों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।


