शपथ लेते ही बांग्लादेश के नए खेल मंत्री ने भारत को लेकर दिया बड़ा बयान, बताया वर्ल्डकप न खेलने की असली वजह

शपथ लेते ही बांग्लादेश के नए खेल मंत्री ने भारत को लेकर दिया बड़ा बयान, बताया वर्ल्डकप न खेलने की असली वजह

बांग्लादेश की राजनीतिक बदलाव के बाद क्रिकेट में भी नई शुरुआत की कोशिशें शुरू हो गई हैं। नए नियुक्त युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद भारत के साथ संबंध सुधारने का बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहती है और खेल से लेकर अन्य सभी क्षेत्रों में ईमानदार और सौहार्दपूर्ण रिश्ते विकसित करने की इच्छा है।

विश्व कप न खेलने की वजह बताई

अमीनुल हक ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश ICC T20 विश्व कप (जो फरवरी 2026 में भारत और श्रीलंका में हो रहा है) में नहीं खेल सका, क्योंकि कूटनीतिक जटिलताओं (diplomatic complications) के कारण ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि कूटनीतिक जटिलताओं की वजह से हम विश्व कप में नहीं खेल सके। अगर ये मुद्दे पहले चर्चा करके सुलझा लिए जाते, तो हमारी टीम शायद भाग लेती। बांग्लादेश को स्कॉटलैंड ने रिप्लेस कर लिया था, क्योंकि टीम भारत में मैच खेलने से इनकार कर रही थी। सुरक्षा चिंताओं को लेकर पहले के बयानों में सरकार और BCB के बीच मतभेद थे, लेकिन नए मंत्री ने इसे कूटनीतिक मुद्दा बताया।

भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से मुलाकात

शपथ ग्रहण के बाद अमीनुल हक ने संसद भवन में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से मुलाकात की और T20 विश्व कप के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैंने उन्हें बताया कि हम इस मुद्दे को जल्दी चर्चा से सुलझाना चाहते हैं, क्योंकि हम सभी पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

क्रिकेट संबंधों में सुधार की उम्मीद

बांग्लादेश में जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार गिरने और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार आने से भारत-बांग्लादेश संबंध प्रभावित हुए थे। क्रिकेट में भी तनाव बढ़ा, जिसके कारण बांग्लादेश ने भारत में विश्व कप मैचों से इनकार किया। नए मंत्री ने BCB चुनाव और पूर्व कप्तानों शाकिब अल हसन, मशरफे मुर्तजा के मामलों को भी सुलझाने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल को राजनीतिक नहीं बनाया जाना चाहिए और पूर्व खिलाड़ियों की वापसी के लिए राज्य स्तर पर फैसला होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *