संभल के थाना कैलादेवी क्षेत्र के लखनपुर गांव में लापता सात वर्षीय बच्ची का शव 160 घंटे बाद तालाब से बरामद हुआ। बच्ची की एक आंख गायब थी और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसका अंतिम संस्कार कराया गया। मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। 9 फरवरी को मंदिर कार्यक्रम में रुकी थी बच्ची गांव निवासी जीराज 9 फरवरी, सोमवार रात करीब 8 बजे अपनी पत्नी विमलेश और बेटी संगीता (7) के साथ जंगल से लौट रहे थे। रास्ते में गांव के मंदिर पर कार्यक्रम चल रहा था। संगीता वहीं रुक गई, जबकि माता-पिता घर चले गए। करीब आधे घंटे बाद जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने मंदिर और आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 10 फरवरी को थाना पुलिस को सूचना दी गई। छह टीमें लगी थीं तलाश में सूचना मिलते ही एएसपी आलोक भाटी गांव पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। बच्ची की तलाश में छह टीमें गठित की गईं। असमोली सीओ कुलदीप कुमार के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड ने भी गांव और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। फोटो प्रसारित किए गए, लेकिन कई दिनों तक कोई सफलता नहीं मिली। 160 घंटे बाद तालाब में मिला शव बीते सोमवार को बच्ची का शव गांव के तालाब में मिला। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की एक आंख निकाली गई थी और चेहरे पर नील के निशान थे। बच्ची के नाना पुखराज ने डीजे संचालक राहुल पर शक जताया है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि बच्ची के साथ घटना के बाद उसे कहीं ले जाया गया और बाद में शव तालाब में फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी पर औपचारिक आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।


