सीवान के सराय ओपी थाना क्षेत्र में एक युवक का संदिग्ध अवस्था में रेलवे ट्रैक से शव बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस पर पीछा करने, कथित वसूली करने और युवक की खोजबीन नहीं करने का आरोप भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सराय ओपी थाना क्षेत्र के चांप रेलवे ढाला से कुछ दूरी पर रेलवे ट्रैक से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। लेकिन रेल पुलिस और स्थानीय थाना के बीच सीमा विवाद के कारण शव पूरी रात ट्रैक पर ही पड़ा रहा। मंगलवार सुबह पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद सराय ओपी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। शाम को घर से निकला, फिर लापता हुआ
दोपहर बाद मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महुआरी बिचला टोला निवासी ओसिहर यादव के 19 वर्षीय पुत्र विक्की कुमार यादव के रूप में हुई। पहचान होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विक्की जिला प्रशासन के योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता की सरकारी गाड़ी चलाता था। सोमवार को भी वह ड्यूटी पर गया था और शाम को निकलने के बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। मंगलवार दोपहर पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां शव की पहचान विक्की के रूप में हुई। मृतक के भाई विशाल यादव ने बताया कि विक्की का गांव के बगल गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध था और लड़की की मैट्रिक परीक्षा शुरू होने वाली थी। पुलिस पर 30 हजार रुपए मांगने का आरोप
इसी कारण सोमवार को विक्की सरकारी गाड़ी से उसे परीक्षा केंद्र दिखाने गया था। विशाल के अनुसार, लड़की ने फोन पर बताया कि सीवान बाईपास पर गाड़ी खड़ी कर दोनों बैठे थे, तभी डायल 112 की पुलिस गाड़ी ने उनका पीछा किया। पुलिस को देखकर विक्की घबरा गया और गाड़ी लेकर भागा, लेकिन कुछ दूरी पर गाड़ी और मोबाइल छोड़कर तथा लडकी को अंदर ही छोड़ बाहर से लॉक कर कहीं चला गया। बताया जा रहा है कि बाद में महिला पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को घर ले जाकर छोड़ दिया गया। वहीं गाड़ी मालिक नकुल सिंह ने बताया कि सोमवार शाम विक्की के भाई ने सूचना दी कि पुलिस ने गाड़ी पकड़ ली है। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां सराय ओपी थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौजूद थी। वे घर से दूसरी चाभी लाकर गाड़ी खोल पाए, जिसके बाद पुलिस ने गाड़ी छोड़ दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाड़ी छोड़ने के एवज में पुलिस द्वारा 30 हजार रुपये की मांग की गई थी और कथित रूप से पैसे लेने के बाद गाड़ी छोड़ी गई। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना के बाद बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो विक्की व लड़की के द्वारा गाड़ी में ही अनैतिक कार्य किए जा रहे थे तथा पीछे पुलिस की गाड़ी देख विक्की घबरा गया और भागने लगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सराय थाना पुलिस को पूरी घटना की जानकारी थी और युवक मौके से लापता था, तो उसकी तलाश क्यों नहीं की गई। साथ ही, गाड़ी मालिक और लड़की से पूछताछ के बावजूद परिजनों को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई। इसके अलावा, जब रात में शव मिला तो पहचान करने में इतनी देर क्यों लगी। पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मृतक के परिजनों का आरोप है कि विक्की की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। उनका कहना है कि पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं सराय ओपी थाना प्रभारी विकास कुमार बिट्टू ने बताया कि शव की पहचान हो चुकी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतक के भाई के बयान पर मामला दर्ज किया जा रहा है और प्रेम प्रसंग सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और क्या परिजनों को न्याय मिल पाता है। सीवान के सराय ओपी थाना क्षेत्र में एक युवक का संदिग्ध अवस्था में रेलवे ट्रैक से शव बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस पर पीछा करने, कथित वसूली करने और युवक की खोजबीन नहीं करने का आरोप भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सराय ओपी थाना क्षेत्र के चांप रेलवे ढाला से कुछ दूरी पर रेलवे ट्रैक से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। लेकिन रेल पुलिस और स्थानीय थाना के बीच सीमा विवाद के कारण शव पूरी रात ट्रैक पर ही पड़ा रहा। मंगलवार सुबह पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद सराय ओपी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। शाम को घर से निकला, फिर लापता हुआ
दोपहर बाद मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महुआरी बिचला टोला निवासी ओसिहर यादव के 19 वर्षीय पुत्र विक्की कुमार यादव के रूप में हुई। पहचान होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विक्की जिला प्रशासन के योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता की सरकारी गाड़ी चलाता था। सोमवार को भी वह ड्यूटी पर गया था और शाम को निकलने के बाद उसका कोई पता नहीं चल सका। मंगलवार दोपहर पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां शव की पहचान विक्की के रूप में हुई। मृतक के भाई विशाल यादव ने बताया कि विक्की का गांव के बगल गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध था और लड़की की मैट्रिक परीक्षा शुरू होने वाली थी। पुलिस पर 30 हजार रुपए मांगने का आरोप
इसी कारण सोमवार को विक्की सरकारी गाड़ी से उसे परीक्षा केंद्र दिखाने गया था। विशाल के अनुसार, लड़की ने फोन पर बताया कि सीवान बाईपास पर गाड़ी खड़ी कर दोनों बैठे थे, तभी डायल 112 की पुलिस गाड़ी ने उनका पीछा किया। पुलिस को देखकर विक्की घबरा गया और गाड़ी लेकर भागा, लेकिन कुछ दूरी पर गाड़ी और मोबाइल छोड़कर तथा लडकी को अंदर ही छोड़ बाहर से लॉक कर कहीं चला गया। बताया जा रहा है कि बाद में महिला पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को घर ले जाकर छोड़ दिया गया। वहीं गाड़ी मालिक नकुल सिंह ने बताया कि सोमवार शाम विक्की के भाई ने सूचना दी कि पुलिस ने गाड़ी पकड़ ली है। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां सराय ओपी थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौजूद थी। वे घर से दूसरी चाभी लाकर गाड़ी खोल पाए, जिसके बाद पुलिस ने गाड़ी छोड़ दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाड़ी छोड़ने के एवज में पुलिस द्वारा 30 हजार रुपये की मांग की गई थी और कथित रूप से पैसे लेने के बाद गाड़ी छोड़ी गई। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना के बाद बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो विक्की व लड़की के द्वारा गाड़ी में ही अनैतिक कार्य किए जा रहे थे तथा पीछे पुलिस की गाड़ी देख विक्की घबरा गया और भागने लगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सराय थाना पुलिस को पूरी घटना की जानकारी थी और युवक मौके से लापता था, तो उसकी तलाश क्यों नहीं की गई। साथ ही, गाड़ी मालिक और लड़की से पूछताछ के बावजूद परिजनों को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई। इसके अलावा, जब रात में शव मिला तो पहचान करने में इतनी देर क्यों लगी। पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मृतक के परिजनों का आरोप है कि विक्की की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। उनका कहना है कि पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं सराय ओपी थाना प्रभारी विकास कुमार बिट्टू ने बताया कि शव की पहचान हो चुकी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतक के भाई के बयान पर मामला दर्ज किया जा रहा है और प्रेम प्रसंग सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और क्या परिजनों को न्याय मिल पाता है।


