शेखपुरा में मंगलवार को पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश कुमार अविनाश ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर गलत नीयत से अपहरण करने के मामले में एक और आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिया गया व्यक्ति लखीसराय जिले के हलसी थाना अंतर्गत बरतारा गांव का सैफुल होदा है। इसी मामले में पूर्व में एक महिला सहित दो अन्य आरोपियों, ममता देवी और डफली मियां, को भी दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें कैद की सजा सुनाई गई थी। डेढ़ लाख रुपये का सौदा तय हुआ था पोक्सो मामलों की विशेष लोक अभियोजक नैला बेगम ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले ममता देवी और डफली मियां बालिका को नशा खिलाकर बस से जमुई की ओर ले जा रहे थे। उनका उद्देश्य बालिका को सैफुल होदा को सौंपना था। बालिका को बेचने के लिए सैफुल होदा के साथ डेढ़ लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। हालांकि, बाद में शोर-शराबे के कारण बच्ची को मुक्त करा लिया गया। जांच के दौरान, ममता देवी और डफली मियां के मोबाइल में दर्ज बातचीत के आधार पर सैफुल होदा को इस मामले में अभियुक्त बनाया गया। सैफुल होदा ने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके खिलाफ अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण बताया इस मामले में सजा की अवधि पर सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि निर्धारित की गई है। इस कार्रवाई को बालिकाओं के अपहरण और उन्हें गलत कामों में धकेलने वाले सक्रिय गिरोह के खिलाफ एक कठोर कदम माना जा रहा है। लोक अभियोजक ने पुलिस की सक्रियता को भी इन सभी दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण बताया। शेखपुरा में मंगलवार को पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश कुमार अविनाश ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर गलत नीयत से अपहरण करने के मामले में एक और आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिया गया व्यक्ति लखीसराय जिले के हलसी थाना अंतर्गत बरतारा गांव का सैफुल होदा है। इसी मामले में पूर्व में एक महिला सहित दो अन्य आरोपियों, ममता देवी और डफली मियां, को भी दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें कैद की सजा सुनाई गई थी। डेढ़ लाख रुपये का सौदा तय हुआ था पोक्सो मामलों की विशेष लोक अभियोजक नैला बेगम ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले ममता देवी और डफली मियां बालिका को नशा खिलाकर बस से जमुई की ओर ले जा रहे थे। उनका उद्देश्य बालिका को सैफुल होदा को सौंपना था। बालिका को बेचने के लिए सैफुल होदा के साथ डेढ़ लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। हालांकि, बाद में शोर-शराबे के कारण बच्ची को मुक्त करा लिया गया। जांच के दौरान, ममता देवी और डफली मियां के मोबाइल में दर्ज बातचीत के आधार पर सैफुल होदा को इस मामले में अभियुक्त बनाया गया। सैफुल होदा ने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके खिलाफ अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण बताया इस मामले में सजा की अवधि पर सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि निर्धारित की गई है। इस कार्रवाई को बालिकाओं के अपहरण और उन्हें गलत कामों में धकेलने वाले सक्रिय गिरोह के खिलाफ एक कठोर कदम माना जा रहा है। लोक अभियोजक ने पुलिस की सक्रियता को भी इन सभी दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण बताया।


