मुजफ्फरपुर के बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष निलंबित:वसूली का विरोध करने पर मारपीट का था आरोप, लापरवाही के आरोप में कार्रवाई हुई

मुजफ्फरपुर के बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष निलंबित:वसूली का विरोध करने पर मारपीट का था आरोप, लापरवाही के आरोप में कार्रवाई हुई

मुजफ्फरपुर में हिंसक झड़प और बिगड़ती कानून व्यवस्था के बाद एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की है। उन्होंने पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हें सामान्य जीवन-यापन भत्ता मिलेगा। मामला कुछ दिन पहले पियर थाने के बड़गांव चौक पर शुरू हुआ था। यहां एक डीजे ट्रॉली चालक और पुलिस के बीच विवाद हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अवैध वसूली कर रही थी। वसूली का विरोध करने पर मारपीट का आरोप ग्रामीणों के अनुसार, अवैध वसूली का विरोध करने पर स्थानीय सरपंच लालबाबू सहनी और उनके परिजनों के साथ पुलिस ने मारपीट की। सरपंच की पिटाई की खबर फैलते ही ग्रामीण उग्र हो गए। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष को घंटों एक कमरे में बंधक बनाकर रखा था। इस गंभीर मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), पूर्वी-02 की ओर से की गई थी। उनकी रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के निर्णयों को अविवेकपूर्ण और स्थिति को संभालने में उनकी लापरवाही को स्पष्ट किया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही, जनता के साथ दुर्व्यवहार या कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुजफ्फरपुर में हिंसक झड़प और बिगड़ती कानून व्यवस्था के बाद एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की है। उन्होंने पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हें सामान्य जीवन-यापन भत्ता मिलेगा। मामला कुछ दिन पहले पियर थाने के बड़गांव चौक पर शुरू हुआ था। यहां एक डीजे ट्रॉली चालक और पुलिस के बीच विवाद हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अवैध वसूली कर रही थी। वसूली का विरोध करने पर मारपीट का आरोप ग्रामीणों के अनुसार, अवैध वसूली का विरोध करने पर स्थानीय सरपंच लालबाबू सहनी और उनके परिजनों के साथ पुलिस ने मारपीट की। सरपंच की पिटाई की खबर फैलते ही ग्रामीण उग्र हो गए। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष को घंटों एक कमरे में बंधक बनाकर रखा था। इस गंभीर मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), पूर्वी-02 की ओर से की गई थी। उनकी रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के निर्णयों को अविवेकपूर्ण और स्थिति को संभालने में उनकी लापरवाही को स्पष्ट किया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही, जनता के साथ दुर्व्यवहार या कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

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