नालंदा के राजगीर थाना क्षेत्र स्थित नाहुब गांव के चवर में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आज अवैध रूप से की जा रही पोस्तादाना (अफीम) की खेती का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए सरसों के खेत के बीच में अफीम की फसल लगा रखी थी। पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि राजगीर थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि नाहुब गांव के चवर में सरसों के खेत के बीच अवैध तरीके से अफीम की खेती की गई है। इस पुख्ता सूचना से तत्काल वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। जब टीम अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष के साथ नाहुब चवर पहुंची, तो वहां करीब एक बीघा और अन्य छोटे-छोटे प्लॉटों में पोस्तादाना की फसल मौजूद पाई गई। अफीम की विशाल खेती पकड़े जाने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर ने अंचलाधिकारी राजगीर को दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) के रूप में प्रतिनियुक्त किया। दंडाधिकारी की मौजूदगी में टीम ने विधिवत रूप से अफीम के पौधों का नमूना (सैंपल) जब्त किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मौके पर ही शेष पूरी फसल को विनष्ट (नष्ट) करा दिया गया। जमीन के मालिक का पता लगा रही पुलिस पुलिस अब इस बात की गहन छानबीन कर रही है कि यह अफीम की खेती किसकी जमीन पर और किन तस्करों के द्वारा की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली छापेमारी टीम में राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी सूर्यप्रकाश गुप्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, अंचलाधिकारी अनुज कुमार, पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष रमण कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक पप्पू कुमार और परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक भानु कुमार शामिल थे। नालंदा के राजगीर थाना क्षेत्र स्थित नाहुब गांव के चवर में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आज अवैध रूप से की जा रही पोस्तादाना (अफीम) की खेती का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए सरसों के खेत के बीच में अफीम की फसल लगा रखी थी। पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि राजगीर थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि नाहुब गांव के चवर में सरसों के खेत के बीच अवैध तरीके से अफीम की खेती की गई है। इस पुख्ता सूचना से तत्काल वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। जब टीम अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष के साथ नाहुब चवर पहुंची, तो वहां करीब एक बीघा और अन्य छोटे-छोटे प्लॉटों में पोस्तादाना की फसल मौजूद पाई गई। अफीम की विशाल खेती पकड़े जाने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर ने अंचलाधिकारी राजगीर को दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) के रूप में प्रतिनियुक्त किया। दंडाधिकारी की मौजूदगी में टीम ने विधिवत रूप से अफीम के पौधों का नमूना (सैंपल) जब्त किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मौके पर ही शेष पूरी फसल को विनष्ट (नष्ट) करा दिया गया। जमीन के मालिक का पता लगा रही पुलिस पुलिस अब इस बात की गहन छानबीन कर रही है कि यह अफीम की खेती किसकी जमीन पर और किन तस्करों के द्वारा की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली छापेमारी टीम में राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी सूर्यप्रकाश गुप्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, अंचलाधिकारी अनुज कुमार, पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष रमण कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक पप्पू कुमार और परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक भानु कुमार शामिल थे।


