भागलपुर में झुग्गी झोपड़ी संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों भूमिहीन परिवारों ने समाहरणालय गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। वे भीखनपुर स्थित गुमटी नंबर एक, दो और तीन के इस्लामनगर क्षेत्र में भारतीय रेल की जमीन खाली कराने के निर्देश के खिलाफ पुनर्वास की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से जमीन खाली करने का अल्टीमेटम मिला है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि उनके छोटे बच्चे और बुजुर्ग सदस्य हैं, और उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने पूर्व में उन्हें बसाने का आश्वासन दिया था। कहा गया था कि पुनर्वास की व्यवस्था कर उन्हें दूसरी जगह बसाया जाएगा, लेकिन अब तक न तो कोई जमीन उपलब्ध कराई गई है और न ही इस दिशा में कोई ठोस पहल की गई है। इससे भूमिहीन परिवारों में आक्रोश व्याप्त है। समिति के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक जमीन और आवास की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही रेलवे की जमीन खाली कराई जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शन के दौरान समिति के जीवन कुमार ने कहा कि जब तक पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसी भी परिवार को हटाया जाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। भागलपुर में झुग्गी झोपड़ी संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों भूमिहीन परिवारों ने समाहरणालय गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। वे भीखनपुर स्थित गुमटी नंबर एक, दो और तीन के इस्लामनगर क्षेत्र में भारतीय रेल की जमीन खाली कराने के निर्देश के खिलाफ पुनर्वास की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से जमीन खाली करने का अल्टीमेटम मिला है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि उनके छोटे बच्चे और बुजुर्ग सदस्य हैं, और उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने पूर्व में उन्हें बसाने का आश्वासन दिया था। कहा गया था कि पुनर्वास की व्यवस्था कर उन्हें दूसरी जगह बसाया जाएगा, लेकिन अब तक न तो कोई जमीन उपलब्ध कराई गई है और न ही इस दिशा में कोई ठोस पहल की गई है। इससे भूमिहीन परिवारों में आक्रोश व्याप्त है। समिति के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक जमीन और आवास की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही रेलवे की जमीन खाली कराई जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शन के दौरान समिति के जीवन कुमार ने कहा कि जब तक पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसी भी परिवार को हटाया जाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।


