छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में धर्मांतरण का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने पहले ईसाई धर्म अपनाया। इसके बाद अपनी मां को भी ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने लगा। न मानने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी तक देने लगा। यह पूरा मामला भिलाई के नेवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत का है। पुलिस ने ईसाई धर्म अपनाने के लिए जबरन दबाव बनाने, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रार्थी के बेटे होशांग वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298, 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3, 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मूर्तियों को भी तोड़ दिया, घर में भी तोड़-फोड़
प्रार्थिया सरोज वर्मा (52 वर्ष), निवासी रिसाली ने 16 फरवरी को थाना नेवई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका पुत्र होशांग वर्मा उसे लगातार ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहा था। महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और घर में तोड़फोड़ की। आरोपी बेटे ने जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, घर में रखी धार्मिक मूर्तियों को हटाकर फेंक दिया गया और पूजा-पाठ में बाधा उत्पन्न की गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी होशांग वर्मा को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


