कुचामनसिटी। गैंगेस्टर रोहित गोदारा व वीरेन्द्र चारण के नाम पर उसके गुर्गे राहुल फतेहपुरा की ओर से दो दिन पहले भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा को ओडियो मैसेज भेजकर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी दी गई थी। इससे मंगलवार को कुचामन शहरवासियों में गुस्से का उबाल नजर आया। घटना के विरोध में कुचामन शहर बंद रखकर कनोई पार्क में सभा की गई। इसमें शहर के व्यापारी, सामाजिक संगठन, युवा और विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए। बाद में शहरवासी पैदल मार्च करते हुए थाने पर पहुंचे जहां धरना-प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष रहे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पत्नी शीला शेखावत भी धरने प्रदर्शन में शामिल हुई। धरने को संबोधित करते हुए शेखावत ने कहा कि केन्द्र और राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बावजूद प्रदेश की कानून व्यवस्था चौपट है। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने वाले अपराधी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। केन्द्र सरकार चाहे तो इन अपराधियों का प्रदेश में एनकाउंटर करा सकती है, लेकिन इच्छा शक्ति कमजोर है। उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब यूपी में मुख्यमंत्री योगी बदमाशों का एनकाउंटर करवा सकते हैं तो राजस्थान की सरकार को क्या सांप सूंघ गया। वोट के समय तो घर-घर भीख मांगते हैं। बदमाश बेकसूरों की हत्या कर रहे हैं उस पर कोई ध्यान नहीं देता।
मातृ शक्ति को बंधाई हिम्मत
शेखावत ने सभा में मौजूद मातृ शक्ति से कहा कि हम क्षत्रिय है मरना और मारना जानते हैं। बदमाशों में हिम्मत है तो हमारे सामने आकर दिखाए। उन्होंने प्रशासन को नाकाम बताते हुए कहा कि यदि प्रशासन सुरक्षा नहीं कर सकता है तो प्रत्येक व्यक्ति को हथियार का लाइसेंस जारी करे। हम अपनी सुरक्षा स्वयं कर लेंगे। उन्होंने विजय सिंह पलाड़ा भरोसा दिलाया कि सर्व समाज आपके साथ है, इन बदमाशों को एक पैसा नहीं देना है।
शिक्षा और व्यापार पर असर
वक्ताओं ने कहा कि कुचामन सिटी की सौहार्दपूर्ण शहर के रूप पहचान थी। पिछले डेढ़ वर्ष से रंगदारी और धमकियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे व्यापार, शिक्षा और निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ा है। यदि राजनेता तक सुरक्षित नहीं है तो आमजन की सुरक्षा का कैसे अनुमान लगाया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने गैंगस्टर राज के खिलाफ कार्रवाई करने तथा धमकी देने वाले बदमाशों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की। शाम को सर्वसमाज की ओर से पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर व जिला कलक्टर डॉ. महेन्द्र खडग़ावत को ज्ञापन कर धमकी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया।


