बिहार कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव और पूर्व युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र पासवान विकल ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने किशनगंज में एक प्रेस वार्ता के दौरान संगठन की बदहाली के लिए शीर्ष नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। किशनगंज के कालू चौक स्थित सर्किट हाउस में प्रदेश महासचिव शंभू यादव ने छत्रपति यादव और नागेंद्र पासवान का स्वागत किया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्रपति यादव ने कहा कि राहुल गांधी के प्रयासों के बावजूद बिहार कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पतन के लिए जिम्मेदार लोग ही आज शीर्ष पदों पर काबिज हैं, जबकि समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया है। छत्रपति यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हुई कथित गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन शिकायतों को आलाकमान तक पहुंचाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा है। अब आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया गया
यादव ने बताया कि पार्टी को बचाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए अब आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया गया है। इसी क्रम में 17 मार्च 2026 को पटना में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस महासम्मेलन की तैयारी के लिए 07 फरवरी 2026 से जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व छत्रपति यादव, एआईसीसी सदस्य नागेंद्र पासवान विकल और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता कर रहे हैं। पूर्व विधायक ने जिले के कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस ‘शुद्धिकरण अभियान’ में सहयोग की अपील की। अब देखना यह होगा कि पटना में होने वाला यह महासम्मेलन बिहार कांग्रेस की राजनीति में क्या बदलाव लाता है। बिहार कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव और पूर्व युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र पासवान विकल ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने किशनगंज में एक प्रेस वार्ता के दौरान संगठन की बदहाली के लिए शीर्ष नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। किशनगंज के कालू चौक स्थित सर्किट हाउस में प्रदेश महासचिव शंभू यादव ने छत्रपति यादव और नागेंद्र पासवान का स्वागत किया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्रपति यादव ने कहा कि राहुल गांधी के प्रयासों के बावजूद बिहार कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पतन के लिए जिम्मेदार लोग ही आज शीर्ष पदों पर काबिज हैं, जबकि समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया है। छत्रपति यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हुई कथित गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन शिकायतों को आलाकमान तक पहुंचाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा है। अब आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया गया
यादव ने बताया कि पार्टी को बचाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए अब आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया गया है। इसी क्रम में 17 मार्च 2026 को पटना में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस महासम्मेलन की तैयारी के लिए 07 फरवरी 2026 से जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व छत्रपति यादव, एआईसीसी सदस्य नागेंद्र पासवान विकल और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता कर रहे हैं। पूर्व विधायक ने जिले के कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस ‘शुद्धिकरण अभियान’ में सहयोग की अपील की। अब देखना यह होगा कि पटना में होने वाला यह महासम्मेलन बिहार कांग्रेस की राजनीति में क्या बदलाव लाता है।


