रायपुर में 3 साल की मासूम के दिल में छेद:आंगनवाड़ी के हेल्थ चेकअप में मिली जानकारी, अस्पताल में इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौटी

रायपुर में 3 साल की मासूम के दिल में छेद:आंगनवाड़ी के हेल्थ चेकअप में मिली जानकारी, अस्पताल में इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौटी

रायपुर में तीन साल की नम्रता आज खिलखिलाकर हंस रही है। कभी हल्की दौड़ में ही थक जाने वाली यह नन्ही बच्ची अब अपने टेडी बियर से बातें करती है और अपनी लाल फरारी टॉय कार को पूरे घर में दौड़ाती फिरती है। उसके माता-पिता के लिए यह मुस्कान किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि नम्रता के दिल में जन्मजात छेद था। समय पर जांच और इलाज ने उसकी जिंदगी बदल दी। नम्रता चंगोराभांटा की रहने वाली है। उसके पिता प्रशांत कुमार यादव ड्राइवर हैं और माता मेघा यादव गृहिणी हैं। वह पास की आंगनबाड़ी में जाती थी और अन्य बच्चों के साथ खेलती थी, लेकिन अक्सर जल्दी थक जाती थी। 22 जनवरी को आंगनबाड़ी में चल रहे प्रोजेक्ट धड़कन के तहत स्वास्थ्य जांच के दौरान विशेष स्टेथोस्कोप से जांच में विशेषज्ञों को दिल में छेद होने के संकेत मिले। टीम ने तुरंत परिजनों को स्थिति समझाई और आगे की जांच की सलाह दी।
इको जांच में पता चली बीमारी अगले ही दिन 23 जनवरी को नम्रता को सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां ईको जांच में हृदय में छेद की पुष्टि हुई और डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी। प्रोजेक्ट धड़कन टीम ने अस्पताल प्रबंधन से समन्वय किया और महज तीन दिन के भीतर 24 जनवरी को सफल सर्जरी कर दी गई। इलाज पूरी तरह निःशुल्क हुआ और 27 जनवरी को नम्रता स्वस्थ होकर घर लौट आई।
जरूरतमंद बच्चों का होता है इलाज यह उपचार प्रोजेक्ट धड़कन के अंतर्गत हुआ, जो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल से इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी और स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है। विशेष उपकरणों से जांच कर जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान की जाती है और जरूरतमंद बच्चों का निःशुल्क इलाज कराया जाता है। नम्रता के पिता प्रशांत और माता मेघा भावुक होकर कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी की बीमारी की भनक तक नहीं थी। उन्हें लगा था कि इलाज में लंबा समय लगेगा, लेकिन स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ऑपरेशन हो जाना उनके लिए राहत भरी खबर थी। आज उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ है, फिर से आंगनबाड़ी जा रही है और अपने दोस्तों के साथ हंसते-खेलते बचपन जी रही है।

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