पुश अप करता है ये रोबोट, जहां इंसान नहीं जा सकता वहां जाएगा ‘स्काउट’, बचा सकेगा कई जानें

पुश अप करता है ये रोबोट, जहां इंसान नहीं जा सकता वहां जाएगा ‘स्काउट’, बचा सकेगा कई जानें

Robot in AI Impact Summit 2026: राजधानी नई दिल्ली इन दिनों तकनीक और नवाचार के संगम की गवाह बन रही है। 16 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित हो रहा इंडिया एआई इम्पेक्ट सम्मेलन देश की अग्रणी टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा मंच बनकर उभरा है। इस आयोजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसने उद्योग जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

तैयार हुआ रोबोट ‘स्काउट’ (Robot in AI Impact Summit 2026)

सम्मेलन में जहां एक ओर युवा स्टार्टअप्स अपने अनोखे आइडियाज पेश कर रहे हैं, वहीं स्थापित कंपनियां भी भविष्य की तकनीक की झलक दिखा रही हैं। इन्हीं नवाचारों के बीच EY AI द्वारा विकसित एक विशेष रोबोट ‘स्काउट’ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

इंसानों की पहुंच से परे काम करने वाला रोबोट

‘स्काउट’ को इस तरह तैयार किया गया है कि वो उन स्थानों तक पहुंच सकता है जहां मानव का जाना जोखिम भरा या असंभव होता है। ये रोबोट कई अत्याधुनिक कैमरों और सेंसर से लैस है, जो आसपास के वातावरण का सटीक आकलन कर डेटा इकट्ठा करते हैं। इन सेंसरों की मदद से ये तापमान, गैस स्तर, संरचनात्मक स्थिति और बाकी महत्वपूर्ण मानकों को माप सकता है।

देखने में ये रोबोट किसी चौपाये जानवर की तरह चलता है, जिससे उसे असमतल और कठिन सतहों पर भी संतुलन बनाए रखने में आसानी होती है। इसकी खासियत ये भी है कि ये स्थिर खड़े होकर पुशअप्स कर सकता है और एक ‘हाथ’ उठाकर हेलो भी कर सकता है- जो इसकी मैकेनिकल क्षमता का उदाहरण है।

उद्योगों के लिए गेमचेंजर (Robot in AI Impact Summit 2026)

भारतीय उद्योगों के लिए ये तकनीक एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। विशेष रूप से उन फैक्ट्रियों और संयंत्रों में जहां खतरनाक रसायनों या गैसों का इस्तेमाल होता है, वहां पाइपलाइन की जांच या लीकेज की पहचान करना बेहद जोखिम भरा होता है। ऐसे में ‘स्काउट’ को पाइपलाइन के भीतर भेजकर वाल्व बंद करने या स्थिति का आकलन करने जैसे कार्य सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं।

इसके अलावा, किसी औद्योगिक दुर्घटना या बड़े हादसे की स्थिति में ये रोबोट मलबे के बीच जाकर फंसे लोगों की संख्या का अनुमान लगा सकता है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ये टीम को सटीक जानकारी देकर बचाव कार्य को तेज और प्रभावी बना सकता है।

भारत के तकनीकी भविष्य की झलक

इंडिया एआई इम्पेक्ट 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बनता दिख रहा है। ‘स्काउट’ जैसे नवाचार यह संकेत देते हैं कि भारतीय उद्योग अब स्मार्ट और सुरक्षित समाधान की ओर बढ़ रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की एआई आधारित रोबोटिक तकनीक आने वाले वर्षों में औद्योगिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

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