विश्व क्रिकेट के 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के लिए निष्पक्ष व्यवहार और बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट की मांग की है। इस अपील से पाकिस्तान सरकार पर मानवीय और नैतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान पिछले दो साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं। जेल में उनके बिगड़ते हालात इस समय विश्व चर्चा का विषय बने हुए है। हाल ही में इमरान की एक आंख की रोशनी 85 प्रतिशत खत्म हो जाने की बात सामने आई थी। इमरान का परिवार लगातार उनके हालातों में सुधार की मांग करते हुए पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इसी कड़ी में अब विश्व क्रिकेट के दिग्गजों ने इमरान के पक्ष में आवाज उठाई है। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत दुनिया भर के देशों के 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान के साथ निष्पक्ष और मानवीय व्यवहार करने की औपचारिक अपील की है।
इमरान के साथ गरिमा पूर्ण व्यवहार होना चाहिए
इस अपील पर भारतीय पूर्व कप्तानों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य देशों के पूर्व कप्तानों ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में कहा गया है कि इमरान खान ने क्रिकेट जगत को असाधारण योगदान दिया है और उनके साथ गरिमा पूर्ण व्यवहार होना चाहिए। अपील में पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया गया है कि उन्हें उचित मेडिकल ट्रीटमेंट, परिवार से नियमित मुलाकात और कानूनी प्रक्रिया तक पारदर्शी पहुंच दी जाए। कप्तानों ने इसे खेल भावना और मानवीय मूल्यों के आधार पर उठाया गया कदम बताया है।
इमरान की गिरती सेहत पर जताई चिंता
पत्र में विशेष रूप से इमरान खान की गिरती सेहत पर चिंता जताई गई है। हाल के दिनों में उनकी आंखों की रोशनी में कमी और स्वास्थ्य बिगड़ने की खबरें सामने आई थीं। पूर्व कप्तानों ने कहा कि एक ऐसे खिलाड़ी, जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के मंच पर अपने देश को गौरव दिलाया, उसे बुनियादी मानवाधिकार मिलना ही चाहिए। उन्होंने इस मामले को राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय मुद्दा बताया। अपील में कहा गया कि खेल सीमाओं से परे होता है और सम्मान की भावना हर परिस्थिति में कायम रहनी चाहिए।
पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
इमरान खान पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के संस्थापक हैं और देश की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ रही है। मौजूदा हालात में यह अपील पाकिस्तान सरकार पर नैतिक दबाव बढ़ा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय खेल हस्तियों की यह पहल कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकती है। क्रिकेट को अक्सर भारत और पाकिस्तान के बीच पुल की तरह देखा जाता रहा है, ऐसे में यह अपील दोनों देशों के खेल संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है।
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