Delhi Accident: देश की राजधानी दिल्ली में स्कॉर्पियो की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वाहन चालक नाबालिग था और स्कॉर्पियो पर पहले से 13 चालान दर्ज थे। इस मामले में नाबालिग आरोपी को जमानत मिलने के बाद मृतक साहिल की मां का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उनका बेटा करीब 10 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा, मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन किसी ने समय पर उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया। अब पूरा परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला द्वारका साउथ का है। 3 फरवरी 2026 को यहां एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी। पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो नाबालिग चला रहा था और बाइक सवार विपरीत दिशा से आ रहा था। इसी दौरान बाइक और स्कॉर्पियो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बाइक सवार दूर जा गिरा, जबकि स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी टैक्सी (डिजायर) से जा टकराई। इस हादसे में टैक्सी चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब साढ़े ग्यारह बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल बाइक सवार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की मां का आरोप
मृतक साहिल की मां ने घटना को लेकर भावुक बयान देते हुए कहा कि उनका बेटा 3 फरवरी को रोज़ की तरह ऑफिस जा रहा था, तभी तेज़ रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी जिंदगी छीन ली। उनका आरोप है कि स्कॉर्पियो चालक बेहद तेज़ स्पीड में था, उसकी बहन साथ बैठकर रील बना रही थी और वाहन उल्टी लेन में चलाया जा रहा था। बस के ठीक सामने स्टंट करते हुए स्कॉर्पियो ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे साहिल सड़क पर जा गिरा। इस हादसे में एक कैब चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने इसे महज़ दुर्घटना नहीं बल्कि आपराधिक कृत्य बताते हुए कहा कि कुछ बच्चे पैसों के दम पर सड़क को खेल समझ लेते हैं। मां का कहना है कि स्कॉर्पियो चालक के खिलाफ पहले से कई ओवर-स्पीडिंग चालान दर्ज थे, उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था, फिर भी उसे गाड़ी चलाने से नहीं रोका गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके बेटे की मौत ‘फन रील’ और लापरवाही की वजह से हुई है और अब वह अपने बेटे के लिए न्याय चाहती हैं।
इसलिए नाबालिग को मिली बेल
नाबालिग को बेल मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा कि हादसे में शामिल 17 वर्षीय कार चालक अक्षत्र सिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं पाया गया। नाबालिग होने के कारण उसे Juvenile Justice Board के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उसे ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया। हालांकि, 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी गई। पुलिस ने घटना में शामिल सभी वाहनों को जब्त कर उनकी मैकेनिकल जांच कराई है, दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है और सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए गए हैं।


