करनाल के घरौंडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट बाहर गर्भपात के मामले में स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया गया है। सीएमओ करनाल के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम घरौंडा अस्पताल में पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान डॉक्टर्स और नर्सो से पीड़ित गर्भवती की रिपोर्ट मांगी गई और स्टाफ द्वारा गर्भवती के ट्रीटमेंट के संदर्भ में जानकारी ली। जो स्टाफ नर्स मौके पर मौजूद थी, उनसे टीम ने बातचीत की। अधिकारियों की माने तो पूरे मामले की गहनता और गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मंगलवार को सीएमओ डा. पूनम चौधरी के निर्देश पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनेश गोयल के निर्देश पर एक तीन सदसीय टीम घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची और मामले की जांच शुरू की। आपको बता दे कि सोमवार को घरौंडा के सरकारी अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंची गर्भवती का अस्पताल के गेट के बाहर ही गर्भपात हो गया था। जिसके बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही डॉक्टर और नर्स अस्पताल के अंदर से बाहर आए और महिला को प्रसूति गृह में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे करनाल के सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। अब उसका ट्रीटमेंट करनाल के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। बिहार के समस्तीपुर जिला की रहने वाली है पीड़िता
गर्भवती महिला पिंकी पत्नी अमर कुमार बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव बबईयां की रहने वाली है। जो घरौंडा में लक्ष्मी धर्मकांटा के पास किराये पर रहती है। पिंकी करीब छह माह की गर्भवती थी और पेट में दर्द की शिकायत के चलते रविवार को परिवार के साथ घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंची थी। पिंकी के ससुर रामदयाल के अनुसार, इमरजेंसी में उसे इंजेक्शन लगाया गया और सोमवार को दोबारा अस्पताल आने को कहा गया था। इसके बाद उसे ओपीडी सेक्शन में भेज दिया गया। ओपीडी से लौटते समय जैसे ही वह अस्पताल से बाहर निकली, पेट में तेज दर्द हुआ और वह गेट के बाहर पेड़ के चबूतरे पर बैठ गई और वहीं पर गर्भपात हो गया था। इसके बाद स्टाफ मौके पर पहुंचा और गर्भवती महिला व बच्चे को अंदर ले जाकर लेबर रूम में भर्ती किया गया था। वहां उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को करनाल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की तरफ से लापरवाही बरती गई। जिसकी वजह से यह हुआ। वहीं मौके पर मौजूद डॉक्टर राजेंद्र ने बताया था कि महिला का गर्भपात हुआ है और उसको आगामी इलाज के लिए करनाल रेफर कर दिया गया। क्या कहते है डिप्टी सीएमओ
करनाल के डिप्टी सीएमओ डा. मुनेश गोयल ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर टीम गर्भपात मामले की जांच करने के लिए पहुंची। अस्पाल के डॉक्टरों और स्टाफ से मामले की पूरी जानकारी ली गई है। सभी से अलग अलग बात भी की गई है। हालांकि गर्भवती में खून की कमी भी बताई गई है, ऐसे में गर्भपात के कई तरह के अन्य कारण भी हो सकते है, लेकिन अस्पताल की तरफ से किस तरह की लापरवाही रही है या क्या कमी रही है जिसके कारण गर्भपात है। पूरी रिपोर्ट को सीएमओ को भेजा जाएगा। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आई, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।


