Congress Protest: मनरेगा बचाओ महासंग्राम: कांग्रेस का विधानसभा घेराव, भाजपा सरकार पर बड़ा हमला

Congress Protest: मनरेगा बचाओ महासंग्राम: कांग्रेस का विधानसभा घेराव, भाजपा सरकार पर बड़ा हमला

Congress UP  Protest: मनरेगा बचाओ महासंग्राम और भाजपा सरकार के कथित कुशासन के खिलाफ कांग्रेस ने राजधानी लखनऊ में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा घेराव और प्रदर्शन के लिए कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए निकले। पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बना दिया। प्रदर्शन में अविनाश पांडे (राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी), अजय राय (प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री), किशोरी लाल शर्मा (सांसद), आराधना मिश्रा मोना (नेता विधानमंडल कांग्रेस), वीरेंद्र चौधरी (विधायक) सहित कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शामिल रहे।


मनरेगा बचाओ को लेकर कांग्रेस का विधानसभा घेराव

कांग्रेस कार्यालय से विधानसभा तक मार्च

सुबह से ही कांग्रेस कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में बैनर, तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए कार्यकर्ता “मनरेगा बचाओ” और “भाजपा कुशासन बंद करो” जैसे नारे लगा रहे थे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण इसका बजट घटाया जा रहा है और भुगतान में देरी हो रही है।

नेताओं के तीखे तेवर

सभा को संबोधित करते हुए अविनाश पांडे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के जरिए गांवों में रोजगार सृजन होता है, लेकिन सरकार की उदासीनता से योजना प्रभावित हो रही है। सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस मनरेगा की मूल भावना,ग्रामीण सशक्तिकरण को बचाने के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी नीतियां अपना रही है।

आराधना मिश्रा मोना का हमला

नेता विधानमंडल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा घेराव को लोकतांत्रिक अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि जब सरकार जनता की आवाज नहीं सुनती, तब सड़क पर उतरना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में फंड की कमी, मजदूरी भुगतान में देरी और तकनीकी बाधाएं मजदूरों को परेशान कर रही हैं।


 भाजपा सरकार पर कुशासन के गंभीर आरोप

वीरेंद्र चौधरी का बयान

विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने मांग की कि सरकार मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करे और लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करे।

पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

विधानसभा घेराव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारी जब आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें निर्धारित सीमा तक ही जाने दिया।कुछ स्थानों पर हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत रहा। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी।

कांग्रेस की मुख्य मांगें

  • प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं-
  • मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट आवंटन
  • मजदूरों के लंबित भुगतान का तत्काल निपटारा
  • बेरोजगारी और महंगाई पर नियंत्रण
  • ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना
  • नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

कार्यकर्ताओं में जोश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन केवल मनरेगा तक सीमित नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी ध्यान में रखकर किया गया शक्ति प्रदर्शन है। कांग्रेस प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दे रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कई जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं।

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