गुरुग्राम के सोहना में करणी सेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस को लेकर सरकारों की ‘दोहरी नीति’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उसकी जगह दाऊद इब्राहिम होता, तो देशभर में बड़ा विरोध होता। अम्मू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है, लेकिन लॉरेंस को गुजरात की जेल में क्यों रखा गया है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “बदमाशों का कोई धर्म या जाति नहीं होती।” उन्होंने सरकार से सभी अपराधियों के साथ समान नीति अपनाने की मांग की। सभी नागरिकों को समान अधिकार का समर्थन अम्मू ने देश में मुसलमानों की आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को इस देश में समान रूप से रहने का अधिकार है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी भी समुदाय को दूसरे को चुनौती नहीं देनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ के अपमान पर दी चेतावनी अम्मू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित अपमान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि करणी सेना इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन अपने नेताओं के सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगा। भाजपा पर भी साधा निशाना भाजपा पर निशाना साधते हुए अम्मू ने कहा कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े नारे दिए जाते हैं, लेकिन बाद में कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है। उन्होंने दावा किया कि हजारों कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं। करणी सेना की राजनीति में एंट्री के संकेत देशभर से आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सूरजपाल अम्मू ने घोषणा की कि अब करणी सेना को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन अब केवल सामाजिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।


