गोंडा पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष व पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह और कांग्रेस प्रदेश सचिव अभिषेक तिवारी उर्फ नीरज को हाउस अरेस्ट कर उनके घरों पर नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा घेराव में शामिल होने से रोकने के लिए की गई है। आवासों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आज यूपी विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। ये दोनों पदाधिकारी अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ इस घेराव में शामिल होने की तैयारी में थे। पुलिस ने उन्हें देर रात से ही उनके घरों पर नजरबंद कर दिया है और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा के नाम बदलने, मजदूरों की 12 महीने से मजदूरी रोके जाने, महिलाओं, मजदूरों, शंकराचार्य माता अहिल्याबाई होलकर के अपमान और बाजारों को तोड़ने जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर यह विधानसभा घेराव बुलाया है। गोंडा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राम प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस को आगे करके उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है। सिंह ने यह भी कहा कि वे किसी भी हालत में यूपी विधानसभा घेराव में शामिल होंगे और जाने का रास्ता तलाश रहे हैं। राम प्रताप सिंह ने बनारस में मंदिरों और बाजारों को तोड़े जाने, मजदूरों को भुगतान न मिलने और योजनाओं के नाम बदले जाने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। वहीं कांग्रेस प्रदेश महासचिव अभिषेक तिवारी उर्फ नीरज ने कहा कि आज युवाओं के साथ जिस तरीके से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है उसको लेकर के भी हम लोग घेराव करने वाले थे। लेकिन हम लोगों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है ताकि हम लोग अपनी बात ना रख सके यह सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है।


