7 Workers Killed In Bhiwadi Factory Fire: अवैध पटाखा फैक्ट्री में भयावह हादसे के बाद पत्रिका टीम मौके पर पहुंची। हालत देखकर दिल कांप उठा। मन रोने लगा। रेस्क्यू टीम ने सात मृतक श्रमिकों को पोस्टमार्टम के लिए टपूकड़ा मोर्चरी में रखवाया और चार घायलों को इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया। घटना इतनी दर्दनाक और विकराल थी कि देखने वालों की आंखों से आंसू निकलने लगे। फैक्ट्री परिसर के जिस हॉल में आग लगी, उसमें चारों तरफ जो मंजर था, उसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। ज्वलनशील पदार्थ होने के बाद धुंआ, धमाके और आग ने सात श्रमिकों को जिंदा जला दिया। सिस्टम की लापरवाही ने सात परिवारों को बेसहारा कर दिया। फैक्ट्री परिसर में चारों तरफ खाक थी, जिसमें निर्माण सामग्री के साथ सात जिंदा मजदूरों के शरीर के अंग भी जले थे।

फैक्ट्री मालिक, ठेकेदार और सुपरवाइजर सहित चार के खिलाफ मामला दर्ज
घटना को लेकर मृतक मिन्टू के छोटे भाई राजकिशोर पुत्र सिकन्दर पासवान ने खुशखेड़ा थाना में फैक्टरी मालिक, ठेकेदार और सुपरवाइजर सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस एफआइआर के आधार पर जांच में जुटी है।
राजकिशोर ने बताया कि उसका बड़ा भाई मिन्टू इस फैक्टरी में काम करता था। यहां अवैध रूप से बारूद से पटाखे बनवाने का काम मजदूरों को गुमराह कर करवाया जा रहा था। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। मजदूरों के पास कोई सेफ्टी उपकरण भी नहीं थे।
मौके पर रखे मेरे भाई व अन्य शव कंकाल में तब्दील हो चुके हैं। मुझे लगता है कि मेरे भाई मिन्टू व उसके साथियों की हत्या की गई है। राजकिशोर ने कम्पनी मालिक राजेन्द्र कुमार निवासी गाजियाबाद (यूपी), हेमन्त कुमार शर्मा निवासी शाहजापुर जिला कोटपूतली-बहरोड़, ठेकेदार अजीत निवासी खुशखेड़ा और कम्पनी सुपरवाइजर अभिनन्दन निवासी मोतीहारी बिहार के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
हादसे के बाद राज्य मंत्री मौके पर पहुंचे
खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में हुए अग्नि हादसे के बाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्य मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर मोर्चरी जाकर स्थिति देखी।

राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों को आवश्यक सहायता एवं समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री ने खुशखेड़ा पुलिस थाने पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। घटना के कारणों की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान विधायक बालकनाथ योगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मजदूर अंदर ही बनाते थे खाना
अवैध पटाखा निर्माण होने की वजह से फैक्ट्री संचालक सभी को अंदर परिसर में ही रखता था। उनके खाने पीने का इंतजाम भी अंदर कर रखा था। हॉल में एक तरफ छोटे आकार की रसोई थी, जिसमें सभी के खाने का सामान रखा हुआ था। मौके पर आलू की दो बोरी रखी हुई थीं।
प्रशासन की भी लापरवाही
अवैध पटाखा फैक्ट्री मामले में पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में 60 करोड़ रुपए की मादक दवा निर्माण की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। गुजरात एटीएस ने छापा मारा था। तब भी स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने 15 दिन में टीम गठित कर सभी फैक्ट्रियों के अंदर चल रहे उत्पादन की जांच कराने संबंधी बयान दिए थे लेकिन प्रशासन की टीम ने कितनी जांच की, इसके बारे में आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
महीने बाद भी इस भयानक हादसे ने यह बता दिया है कि प्रशासन कितना जिम्मेदार है। उद्योग क्षेत्र में श्रम विभाग और कारखाना एंड बॉयलर निरीक्षण विभाग के स्थानीय अधिकारी नियमित जांच करते रहते हैं। इसके साथ ही मुख्यालय से भेजी गई टीम भी आकर जांच करती हैं। किसी को अवैध पटाखा फैक्ट्री के बारे में पता नहीं चला इससे सवालिया निशान खड़े होते हैं।


