उत्तर प्रदेश विधानसभा के घेराव को लेकर राजधानी लखनऊ में सियासी माहौल गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
अजय राय के नेतृत्व में विधानसभा घेराव का ऐलान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता 17 फरवरी को विधानसभा का घेराव करेंगे। पार्टी प्रवक्ता अंशू अवस्थी के मुताबिक प्रदर्शन में राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, विधायक वीरेंद्र चौधरी समेत प्रदेश भर के सांसद, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
प्रदर्शन से पहले कई नेता हाउस अरेस्ट मंगलवार को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया, तौहीद खान सहित कई पदाधिकारियों को उनके आवास पर ही नजरबंद किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासनिक दबाव बना रही है।
‘जनता की आवाज नहीं दबेगी’: कांग्रेस
पार्टी प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने कहा कि योगी सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कर आंदोलन को रोकना चाहती है, लेकिन जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कुशासन, बढ़ते अपराध और कथित भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर उतर रही है।
कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर घेराव
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार जाति-धर्म के आधार पर दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों को निशाना बना रही है। पार्टी ने कहा कि अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है।
11 बजे विधानसभा पर जताएंगे आक्रोश
कांग्रेस कार्यकर्ता 17 फरवरी की सुबह 11 बजे विधानसभा पहुंचकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।


