ट्यूशन टीचर जिससे करता था प्यार, उसकी लाश मिली:गर्लफ्रेंड के साथ चार बच्चों की भी गला काटकर हत्या; क्या थी 5 मौतों की मिस्ट्री

ट्यूशन टीचर जिससे करता था प्यार, उसकी लाश मिली:गर्लफ्रेंड के साथ चार बच्चों की भी गला काटकर हत्या; क्या थी 5 मौतों की मिस्ट्री

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात एक ऐसे सनसनीखेज मर्डर केस की जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। ये मामला भिंड जिले का था। पुलिस को वीरेंद्र नगर में रहने वाले रामबाबू के घर से पांच लाशें मिली थीं। जिसने भी घर के भीतर का नजारा देखा उसका दिल दहल गया था। पूरे फर्श पर खून बिखरा हुआ और चार बच्चों समेत एक महिला का शव वहां पड़ा था। यह वारदात किसने और क्यों की? यह किसी को समझ में नहीं आ रहा था। अब पुलिस के सामने कातिल को ढूंढने की बड़ी चुनौती थी। क्या था ये पूरा मामला और इस वारदात को किसने अंजाम दिया था? मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में पढ़िए क्या हुआ था उस रात? तारीख: 14 मई 2016, सुबह 9 बजे
मई की तपती गर्मी का मौसम था। सुबह के 9 बजते-बजते सूरज आग उगलने लगा था। भिंड के वीरेंद्र नगर के लिए यह सुबह बाकी दिनों की तरह ही एक साधारण सुबह होनी चाहिए थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। वार्ड नंबर 6 में रहने वाले शायद ही उस दिन की सुबह को कभी भूल पाएं। एक भयानक और खामोश रात के बाद हुई इस सुबह ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया था। रामबाबू शुक्ला के मकान के सामने लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। हर चेहरे पर एक अनजाना खौफ और हैरानी थी। कानाफूसी का बाजार गर्म था और हर कोई यह जानने को बेचैन था कि आखिर इस बंद घर के अंदर ऐसा क्या हुआ है? उसकी वजह थी कि पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचने को मजबूर हो गए थे। घर के अंदर और बाहर तैनात पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी तनाव और परेशानी की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं। 13 और 14 मई की दरमियानी रात इस घर में एक ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसे देखकर तजुर्बेकार पुलिसवालों के भी होश उड़ गए थे। बेटी ने फोन नहीं उठाया तो पिता को हुआ शक
रामबाबू खुद अपने पुश्तैनी गांव में रहते थे और शहर के इस मकान में उनकी बहू रीना शुक्ला अपनी दो मासूम बेटियों, छवि और अम्बिका के साथ रहती थी। उनके साथ रीना की बहन की बेटी महिमा और रामबाबू के साले का बेटा गोलू भी रह रहे थे। घर के पिछले हिस्से में रोली भदौरिया नाम की एक महिला अपने बच्चों के साथ किराए पर रहती थी। रीना का मायका भी इसी मोहल्ले में कुछ ही दूरी पर था, जिससे उसका अपने माता-पिता के घर आना-जाना लगा रहता था। 15 मई की सुबह, जब रीना ने अपने पिता श्रीराम शर्मा का फोन नहीं उठाया, तो अनहोनी की आशंका ने उन्हें घेर लिया। चिंतित होकर उन्होंने अपने पोते नीलेश को रीना के घर का हाल-चाल लेने भेजा। नीलेश जब वहां पहुंचा तो उसने देखा कि घर के बाहरी दरवाजों पर ताला लगा हुआ है। यह देखकर उसे कुछ अजीब लगा और उसने वापस आकर अपने दादा को यह बात बताई। श्रीराम ने फौरन अपने समधी रामबाबू को फोन किया और पूछा कि क्या रीना बच्चों के साथ गांव आई है, क्योंकि शहर वाले घर पर ताला लगा है। खौफनाक खोज और पुलिस का आगमन
नीलेश शर्मा ने बाद में पुलिस को दिए अपने बयान में उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया, ‘मैं पड़ोसी के घर की छत से बुआ (रीना) के घर में दाखिल हुआ। जीने का दरवाजा अंदर से बंद था। मैंने एक सरिया की मदद से कुंडी खोली और अंदर गया। जैसे ही मैं नीचे के कमरे में पहुंचा, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। घर के अंदर बुआ और मेरी बहनों की लाशें पड़ी थीं।’ शवों को देखकर नीलेश के होश उड़ गए। उसकी सोचने-समझने की शक्ति जैसे खत्म हो गई थी। वह कांपते हुए पैरों से उसी रास्ते से बाहर आया और हकलाते हुए अपने दादा को अंदर के मंजर के बारे में बताया। बेटे के मुंह से यह बात सुनते ही श्रीराम पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्होंने तुरंत रामबाबू और भिंड पुलिस को फोन कर इस भयावह घटना की जानकारी दी। हत्या से पहले सभी को जहर दिया गया
तब तक मोहल्ले में खबर फैल चुकी थी और घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और ताला तोड़कर घर में दाखिल हुई। अंदर का दृश्य किसी भी इंसान को दहला देने के लिए काफी था। श्रीराम ने बताया कि घर के एक कमरे में उनकी बेटी रीना, नातिन छवि, अम्बिका और भांजी महिमा की लाशें पड़ी थीं। रीना का शव बेड पर था, जबकि बच्चियों के शव जमीन पर पड़े थे। सभी के गले किसी धारदार हथियार से रेते गए थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था, जो इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि शायद हत्या से पहले उन्हें कोई जहरीला पदार्थ भी दिया गया हो। किराएदार रोली भदौरिया के लिए बने किचन में रामबाबू के साले का बेटा गोलू भी मृत अवस्था में पड़ा था। पुलिस की जांच और एक गायब किरदार
पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम ने घर के चप्पे-चप्पे से सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया। यह एक ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ था। घर के अंदर क्या और कैसे हुआ, इसका कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। रामबाबू और उनके परिवार की गांव में किसी से कोई ऐसी दुश्मनी भी नहीं थी, जो इतने नृशंस हत्याकांड को अंजाम दे। रीना के मायके वालों से भी पूछताछ में कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा। अब पुलिस का ध्यान घर में रहने वाले एक ऐसे किरदार पर गया जो इस हत्याकांड के बाद से गायब था – किराएदार रोली भदौरिया। इस घर में रहने वालों में सिर्फ रोली और उसके बच्चे ही थे जो जिंदा बचे थे। पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि वह अपने मायके जालौन (उत्तर प्रदेश) में है। अब इस केस की एकमात्र कड़ी रोली ही थी, जिससे कोई सुराग मिल सकता था। किराएदार का बयान और एक नया मोड़
रोली ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 6 महीने से रीना के मकान में किराए पर रह रही थी। उसके पति सेना में हैं और वह यहां अपने बच्चों के साथ रहती थी। घटना से कुछ दिन पहले, 10 मई को, वह अपने मायके रामपुरा, जालौन चली गई थी। 14 मई को जब यह वारदात हुई, वह अपने मायके में ही थी। उसे इस घटना की जानकारी अपने ससुराल वालों से मिली, जिसके बाद पुलिस ने उससे संपर्क किया। रोली ने बताया कि जब वह वापस आई तो देखा कि पुलिस ने उसके कमरों के ताले भी तोड़ दिए थे, लेकिन उसका सारा सामान सुरक्षित था। उसके कमरे से कोई भी कीमती सामान या जेवरात गायब नहीं हुए थे। यह बात साफ करती थी कि हत्यारों का मकसद लूटपाट नहीं था। जब पुलिस ने रोली से घर में आने-जाने वाले लोगों के बारे में पूछताछ की, तो उसने एक ऐसी जानकारी दी, जिसने इस पूरी जांच की दिशा ही बदल कर रख दी। रोली ने बताया कि एक ट्यूशन टीचर उसके बच्चों को पढ़ाने के लिए घर आता था। शक की सुई और अनसुलझे सवाल
किराएदार रोली के इस बयान ने पुलिस के सामने एक नया और सबसे बड़ा संदिग्ध खड़ा कर दिया था – ट्यूशन टीचर। अब तक जो जांच अंधेरे में तीर चलाने जैसी थी, उसे एक दिशा मिल गई थी। पुलिस की शक की सुई अब पूरी तरह से उसी ट्यूशन टीचर की तरफ घूम गई थी। लेकिन सवाल अब भी कई थे। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए….. क्या ट्यूशन टीचर ने ही पांच लोगों का बेरहमी से कत्ल किया? अगर उसी ने यह हत्याएं कीं, तो इसके पीछे की वजह क्या थी? क्या यह एकतरफा प्यार का मामला था, या फिर रिश्ते में धोखे का खूनी इंतकाम? इस कहानी का कोई और किरदार भी था जो अभी तक पर्दे के पीछे था?

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