मैट्रिक एग्जाम, आज हिंदी-बंगला, उर्दू और मैथिली का पेपर:1 घंटे पहले सेंटर आना होगा, जूता-मोजा पहनने पर रोक; 1699 सेंटर्स पर 15 लाख छात्र देंगे परीक्षा

मैट्रिक एग्जाम, आज हिंदी-बंगला, उर्दू और मैथिली का पेपर:1 घंटे पहले सेंटर आना होगा, जूता-मोजा पहनने पर रोक; 1699 सेंटर्स पर 15 लाख छात्र देंगे परीक्षा

बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा आज से शुरू हो रही है। इसके लिए 1699 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 से शुरू होगी। पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा (हिंदी, बंगला, उर्दू, मैथिली) की परीक्षा होगी। 25 फरवरी को एग्जाम खत्म होगा। परीक्षा को लेकर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले मेन गेट बंद कर दिया जाएगा। जूते मोजे पहनकर आना मना मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे सेंटर पर जूते और मोजे पहनकर ना आएं। सुरक्षा जांच को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए यह नियम लागू किया गया है। नियम का पालन नहीं करने पर एंट्री में परेशानी हो सकती है, इसलिए छात्र निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना होगा। पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था पटना में करीब 71 हजार छात्रों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां भी दोनों पालियों में हजारों परीक्षार्थी एग्जाम देंगे। इस परीक्षा को बेहतर, सुरक्षित और आदर्श माहौल में आयोजित करने के उद्देश्य से पटना में कुल 4 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें महिला कर्मियों की तैनाती, हेल्प डेस्क, सजावट और अतिरिक्त सुरक्षा शामिल है। पटना में बनाए गए मॉडल परीक्षा केंद्र समिति अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। परीक्षा में Zero Tolerance नीति लागू की गई है। यानी नकल, गड़बड़ी या नियम तोड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी। देर से आने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई अगर कोई छात्र तय समय के बाद जबरन परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो उसे 2 साल तक परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। उसके खिलाफ केस भी दर्ज हो सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। CCTV और वीडियो रिकॉर्डिंग से निगरानी हर परीक्षा केंद्र पर CCTV कैमरा और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है। इससे हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और नकल रोकने में मदद मिलेगी। अगर किसी छात्र का एडमिट कार्ड खो जाता है या घर पर रह जाता है, तो उसकी पहचान फोटो और रिकॉर्ड से मिलान कर परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है। हर परीक्षार्थी को यूनिक आईडी दी गई है। OMR शीट और उत्तर पुस्तिका पहले से प्रिंटेड होगी, जिससे छात्रों का समय बचेगा। हर विषय में A से J तक कुल 10 सेट कोड दिए जाएंगे ताकि नकल रोकने में मदद मिल सके। राज्य में हर जिले में 4 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पूरे राज्य में कुल 152 मॉडल केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर विशेष सुविधाएं दी गई हैं। हेल्प डेस्क, सजावट, महिला स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था है। वॉट्सऐप ग्रुप और कंट्रोल रूम रहेगा एक्टिव परीक्षा के दौरान तुरंत सूचना देने और समस्या समाधान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। साथ ही 16 फरवरी सुबह 6 बजे से 25 फरवरी शाम 6 बजे तक कंट्रोल रूम एक्टिव रहेगा। बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा आज से शुरू हो रही है। इसके लिए 1699 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 से शुरू होगी। पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा (हिंदी, बंगला, उर्दू, मैथिली) की परीक्षा होगी। 25 फरवरी को एग्जाम खत्म होगा। परीक्षा को लेकर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले मेन गेट बंद कर दिया जाएगा। जूते मोजे पहनकर आना मना मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे सेंटर पर जूते और मोजे पहनकर ना आएं। सुरक्षा जांच को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए यह नियम लागू किया गया है। नियम का पालन नहीं करने पर एंट्री में परेशानी हो सकती है, इसलिए छात्र निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना होगा। पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था पटना में करीब 71 हजार छात्रों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां भी दोनों पालियों में हजारों परीक्षार्थी एग्जाम देंगे। इस परीक्षा को बेहतर, सुरक्षित और आदर्श माहौल में आयोजित करने के उद्देश्य से पटना में कुल 4 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें महिला कर्मियों की तैनाती, हेल्प डेस्क, सजावट और अतिरिक्त सुरक्षा शामिल है। पटना में बनाए गए मॉडल परीक्षा केंद्र समिति अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। परीक्षा में Zero Tolerance नीति लागू की गई है। यानी नकल, गड़बड़ी या नियम तोड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी। देर से आने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई अगर कोई छात्र तय समय के बाद जबरन परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो उसे 2 साल तक परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। उसके खिलाफ केस भी दर्ज हो सकता है। साथ ही संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। CCTV और वीडियो रिकॉर्डिंग से निगरानी हर परीक्षा केंद्र पर CCTV कैमरा और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है। इससे हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और नकल रोकने में मदद मिलेगी। अगर किसी छात्र का एडमिट कार्ड खो जाता है या घर पर रह जाता है, तो उसकी पहचान फोटो और रिकॉर्ड से मिलान कर परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है। हर परीक्षार्थी को यूनिक आईडी दी गई है। OMR शीट और उत्तर पुस्तिका पहले से प्रिंटेड होगी, जिससे छात्रों का समय बचेगा। हर विषय में A से J तक कुल 10 सेट कोड दिए जाएंगे ताकि नकल रोकने में मदद मिल सके। राज्य में हर जिले में 4 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पूरे राज्य में कुल 152 मॉडल केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर विशेष सुविधाएं दी गई हैं। हेल्प डेस्क, सजावट, महिला स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था है। वॉट्सऐप ग्रुप और कंट्रोल रूम रहेगा एक्टिव परीक्षा के दौरान तुरंत सूचना देने और समस्या समाधान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। साथ ही 16 फरवरी सुबह 6 बजे से 25 फरवरी शाम 6 बजे तक कंट्रोल रूम एक्टिव रहेगा।  

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