500 दुकानें जलकर खाक, दुकानदारों का दर्द:लगन में बाजार सजा था; पीड़ित बोले- 5 करोड़ लगाए थे, सब आंखों के सामने जल गया

500 दुकानें जलकर खाक, दुकानदारों का दर्द:लगन में बाजार सजा था; पीड़ित बोले- 5 करोड़ लगाए थे, सब आंखों के सामने जल गया

“हमने जिंदगी भर की कमाई लगाकर दुकान खड़ी की थी, लेकिन एक ही रात में सब राख हो गया। लगन का सीजन था, लाखों का माल रखा था…सब खत्म हो गया। अब घर कैसे चलेगा, समझ नहीं आ रहा। आग लगते ही हमने दुकान से कुछ सामान निकालकर सड़क पर रख दिया था, लेकिन जब आग दूसरी दुकानों तक पहुंची तो अफरातफरी मच गई। इस दौरान सड़क पर रखा सामान भी चोरी हो गया। इस घटना में मेरा करीब 8 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।” यह दर्द कुर्सेला हटिया बाजार के कपड़ा व्यापारी दीपक कुमार जायसवाल का है। कटिहार के कुर्सेला नया चौक स्थित हटिया बाजार में महाशिवरात्रि की रात भीषण अग्निकांड में करीब 500 दुकानें जलकर राख हो गईं। लगन के सीजन होने के चलते बाजार में लाखों-करोड़ों रुपए का माल रखा था, जो देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। बाजार में चारों ओर राख, जली हुई टीन-छप्पर और मलबा दिखाई दे रहा था। कई दुकानदार अपनी जली हुई दुकानों के सामने खड़े होकर नुकसान का आकलन करते नजर आए। आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी। घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था? राहत और बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए? विधायक और प्रशासन की क्या भूमिका रही? पूरी खबर पढ़ें… पहले घटना की 3 तस्वीरें… अब पढ़िए आग लगने की कहानी 1. शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग, सिलेंडर ब्लास्ट ने किया विकराल रविवार की शाम महाशिवरात्रि के कारण बाजार की अधिकांश दुकानें शाम 7 बजे तक बंद हो चुकी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले सोनू कुमार की बंद कपड़े की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। चिंगारी फैलते ही आग दुर्गा मंदिर के पास स्थित गैस रिफिलिंग और रिपेयरिंग की दुकान तक पहुंच गई, जहां तीन गैस सिलेंडर रखे थे। कुछ ही देर में एक के बाद एक सिलेंडर ब्लास्ट होने लगे। धमाकों के साथ आग की लपटें बेकाबू हो गईं और तेजी से पूरे बाजार में फैलने लगीं। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं। देखते ही देखते पूरा बाजार आग की चपेट में आ गया। छोटी-बड़ी दुकानों के साथ-साथ सड़कों पर रेहड़ी लगाने वाले दुकानदारों की दुकानें भी जलकर राख हो गईं। इस अग्निकांड में करीब 500 दुकानें जल गईं। 2. धुएं से घुटने लगा दम, रात का सन्नाटा चीख-पुकार में बदला प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाजार में ज्यादातर दुकानें कपड़े, प्लास्टिक, मसाले और किराना सामान की थीं। इन ज्वलनशील सामग्रियों के कारण आग तेजी से फैलती गई और काला धुआं पूरे इलाके में छा गया। धुएं से लोगों का दम घुटने लगा। कुछ ही देर में रात का सन्नाटा चीख-पुकार में बदल गया। लोग घरों से बाल्टी, पाइप और मोटर लेकर दौड़ पड़े। कोई पानी फेंक रहा था, तो कोई दुकान तोड़कर अंदर रखा सामान निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई प्रयास कारगर साबित नहीं हुआ। 3. संकरी गलियां बनीं बाधा, 6 घंटे बाद काबू बाजार की संकरी गलियां राहत और बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन गईं। दमकल की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे आग पर काबू पाने में काफी देरी हुई। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 4 बड़ी और 5 छोटी दमकल गाड़ियों ने आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, तब तक पूरा बाजार खाक हो चुका था और सैकड़ों व्यापारियों की जीवन भर की पूंजी जलकर राख बन चुकी थी। इधर, मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ितों ने सोमवार सुबह NH-31 को 45 मिनट तक जाम कर प्रदर्शन किया। कुर्सेला थाना अध्यक्ष राकेश कुमार और अंचलाधिकारी अनुपम ने मौके पर पहुंचकर जाम हटवाया और पीड़ितों से बातचीत की। अब जानिए पीड़ित दुकानदारों ने क्या कहा… पीड़ित दुकानदार वासुदेव शाह ने बताया, “पहले एक कपड़े की दुकान में आग लगी, फिर वहां से फैलकर मसाले और प्लास्टिक की दुकानों तक पहुंच गई। इसी दौरान मेरी दुकान भी चपेट में आ गई। मेरी भी कपड़े की दुकान थी। कर्ज लेकर दुकान शुरू की थी और आंखों के सामने सब जलकर राख हो गई। करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।” मोहम्मद हलीम कहते हैं, “ऐसा अग्निकांड मैंने पहले कभी नहीं देखा था। दुकानें आपस में सटी हुई थीं, इसलिए आग एक से दूसरी में तेजी से फैलती चली गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना में बाजार के हर दुकानदार को कम से कम 4-5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।” पीड़ित दुकानदार संजू देवी ने बताया, “लगन के मौसम को देखते हुए कॉस्मेटिक और मनिहारी का सामान ज्यादा रखा था। सब जलकर राख हो गया। मेरा पूरा घर इसी दुकान से चलता था। अब बच्चों का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो जाएगा।” SDM बोले- नुकसान का सर्वे कराया जा रहा SDM प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि बाजार की संकरी सड़कों के कारण दमकल की गाड़ियों को अंदर जाने में काफी परेशानी हुई। आग बुझाने में इसी वजह से देरी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए रास्ता चौड़ा कराने की कार्रवाई की जाएगी। SDM ने बताया कि आग फैलने की सूचना मिलते ही एहतियातन बिजली आपूर्ति काट दी गई थी, ताकि शॉर्ट सर्किट से आग और न भड़के। फिलहाल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद सभी प्रभावित व्यापारियों को सरकारी प्रावधान के तहत सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित दुकानदारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने के लिए सरकार से बात की जाएगी। “हमने जिंदगी भर की कमाई लगाकर दुकान खड़ी की थी, लेकिन एक ही रात में सब राख हो गया। लगन का सीजन था, लाखों का माल रखा था…सब खत्म हो गया। अब घर कैसे चलेगा, समझ नहीं आ रहा। आग लगते ही हमने दुकान से कुछ सामान निकालकर सड़क पर रख दिया था, लेकिन जब आग दूसरी दुकानों तक पहुंची तो अफरातफरी मच गई। इस दौरान सड़क पर रखा सामान भी चोरी हो गया। इस घटना में मेरा करीब 8 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।” यह दर्द कुर्सेला हटिया बाजार के कपड़ा व्यापारी दीपक कुमार जायसवाल का है। कटिहार के कुर्सेला नया चौक स्थित हटिया बाजार में महाशिवरात्रि की रात भीषण अग्निकांड में करीब 500 दुकानें जलकर राख हो गईं। लगन के सीजन होने के चलते बाजार में लाखों-करोड़ों रुपए का माल रखा था, जो देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गया। मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। बाजार में चारों ओर राख, जली हुई टीन-छप्पर और मलबा दिखाई दे रहा था। कई दुकानदार अपनी जली हुई दुकानों के सामने खड़े होकर नुकसान का आकलन करते नजर आए। आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी। घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था? राहत और बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए? विधायक और प्रशासन की क्या भूमिका रही? पूरी खबर पढ़ें… पहले घटना की 3 तस्वीरें… अब पढ़िए आग लगने की कहानी 1. शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग, सिलेंडर ब्लास्ट ने किया विकराल रविवार की शाम महाशिवरात्रि के कारण बाजार की अधिकांश दुकानें शाम 7 बजे तक बंद हो चुकी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले सोनू कुमार की बंद कपड़े की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। चिंगारी फैलते ही आग दुर्गा मंदिर के पास स्थित गैस रिफिलिंग और रिपेयरिंग की दुकान तक पहुंच गई, जहां तीन गैस सिलेंडर रखे थे। कुछ ही देर में एक के बाद एक सिलेंडर ब्लास्ट होने लगे। धमाकों के साथ आग की लपटें बेकाबू हो गईं और तेजी से पूरे बाजार में फैलने लगीं। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं। देखते ही देखते पूरा बाजार आग की चपेट में आ गया। छोटी-बड़ी दुकानों के साथ-साथ सड़कों पर रेहड़ी लगाने वाले दुकानदारों की दुकानें भी जलकर राख हो गईं। इस अग्निकांड में करीब 500 दुकानें जल गईं। 2. धुएं से घुटने लगा दम, रात का सन्नाटा चीख-पुकार में बदला प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाजार में ज्यादातर दुकानें कपड़े, प्लास्टिक, मसाले और किराना सामान की थीं। इन ज्वलनशील सामग्रियों के कारण आग तेजी से फैलती गई और काला धुआं पूरे इलाके में छा गया। धुएं से लोगों का दम घुटने लगा। कुछ ही देर में रात का सन्नाटा चीख-पुकार में बदल गया। लोग घरों से बाल्टी, पाइप और मोटर लेकर दौड़ पड़े। कोई पानी फेंक रहा था, तो कोई दुकान तोड़कर अंदर रखा सामान निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई प्रयास कारगर साबित नहीं हुआ। 3. संकरी गलियां बनीं बाधा, 6 घंटे बाद काबू बाजार की संकरी गलियां राहत और बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन गईं। दमकल की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे आग पर काबू पाने में काफी देरी हुई। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 4 बड़ी और 5 छोटी दमकल गाड़ियों ने आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, तब तक पूरा बाजार खाक हो चुका था और सैकड़ों व्यापारियों की जीवन भर की पूंजी जलकर राख बन चुकी थी। इधर, मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ितों ने सोमवार सुबह NH-31 को 45 मिनट तक जाम कर प्रदर्शन किया। कुर्सेला थाना अध्यक्ष राकेश कुमार और अंचलाधिकारी अनुपम ने मौके पर पहुंचकर जाम हटवाया और पीड़ितों से बातचीत की। अब जानिए पीड़ित दुकानदारों ने क्या कहा… पीड़ित दुकानदार वासुदेव शाह ने बताया, “पहले एक कपड़े की दुकान में आग लगी, फिर वहां से फैलकर मसाले और प्लास्टिक की दुकानों तक पहुंच गई। इसी दौरान मेरी दुकान भी चपेट में आ गई। मेरी भी कपड़े की दुकान थी। कर्ज लेकर दुकान शुरू की थी और आंखों के सामने सब जलकर राख हो गई। करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।” मोहम्मद हलीम कहते हैं, “ऐसा अग्निकांड मैंने पहले कभी नहीं देखा था। दुकानें आपस में सटी हुई थीं, इसलिए आग एक से दूसरी में तेजी से फैलती चली गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना में बाजार के हर दुकानदार को कम से कम 4-5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।” पीड़ित दुकानदार संजू देवी ने बताया, “लगन के मौसम को देखते हुए कॉस्मेटिक और मनिहारी का सामान ज्यादा रखा था। सब जलकर राख हो गया। मेरा पूरा घर इसी दुकान से चलता था। अब बच्चों का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो जाएगा।” SDM बोले- नुकसान का सर्वे कराया जा रहा SDM प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि बाजार की संकरी सड़कों के कारण दमकल की गाड़ियों को अंदर जाने में काफी परेशानी हुई। आग बुझाने में इसी वजह से देरी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए रास्ता चौड़ा कराने की कार्रवाई की जाएगी। SDM ने बताया कि आग फैलने की सूचना मिलते ही एहतियातन बिजली आपूर्ति काट दी गई थी, ताकि शॉर्ट सर्किट से आग और न भड़के। फिलहाल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद सभी प्रभावित व्यापारियों को सरकारी प्रावधान के तहत सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित दुकानदारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने के लिए सरकार से बात की जाएगी।  

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